फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

राष्ट्रीय खेलों में नहीं खेलीं तो लगा आजीवन प्रतिबंध

Tue, 24 Feb 2015 01:28 PM IST
अंशुल डांगी/ अमर उजाला, देहरादून
विज्ञापन
विज्ञापन
वॉलीबॉल खिलाड़ियों के बाद अब राष्ट्रीय खेल में बॉक्सिंग प्रतियोगिता में खेलने से इनकार करने वाली मोनिका सौन और प्रियंका चौधरी पर भी उत्तराखंड से खेलने पर आजीवन प्रतिबंध लग गया है।
विज्ञापन


दोनों खिलाड़ी नेशनल चैंपियन रह चुकी हैं और वर्ल्ड बाक्सिंग चैंपियनशिप में भी उन्होंने प्रतिभाग किया है। लेकिन, अब वे न तो राज्य के लिए खेलेंगी, न ही उत्तराखंड में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता या आमंत्रण बॉक्सिंग प्रतियोगिताओं में भी प्रतिभाग कर सकेंगी।

केरल में राष्ट्रीय खेलों के तहत त्रिशूर में छह से 13 फरवरी तक बाक्सिंग प्रतियोगिता आयोजित हुई थी। प्रदेश की महिला बाक्सिंग टीम में वर्ल्ड चैंपियनशिप में प्रतिभाग कर चुकी काशीपुर की प्रियंका चौधरी और पिथौरागढ़ की मोनिका सौन को जगह दी गई थी।
विज्ञापन


खास बात यह है कि नेशनल चैंपियन रह चुकीं इन दोनों खिलाड़ियों को टीम में जगह देने के लिए प्रदेश की कई अन्य उभरती खिलाड़ियों को रोक लिया गया था। टीम को दो फरवरी को दिल्ली से केरल निकलना था, लेकिन रवानगी से ठीक पहले प्रियंका चौधरी ने खेलने से इनकार कर दिया।

काफी समझाने के बाद भी वह टीम के साथ केरल नहीं गई। दूसरी ओर, मोनिका केरल पहुंची जरूर, लेकिन मुकाबले से ऐन पहले उन्होंने भी रिंग में उतरने से मना कर दिया। इससे प्रदेश की पदक पाने की उम्मीद धरी रह गई।

अब उत्तराखंड स्टेट बाक्सिंग एसोसिएशन ने इन दोनों खिलाड़ियों पर आजीवन प्रतिबंध लगा दिया है। बता दें कि एक दिन पूर्व वालीबाल फेडरेशन आफ इंडिया ने राष्ट्रीय खेलों में मैदान में उतरने से इनकार करने वाले प्रदेश के 12 खिलाड़ियों पर तीन साल का प्रतिबंध लगा दिया था।
विज्ञापन

ऐन वक्त पर पहुंची, दिखाया दम

प्रियंका चौधरी के खेलने से इनकार करने पर उत्तराखंड की टीम के लिए आनन-फानन में जिस खिलाड़ी को बुलाया गया, उसने राष्ट्रीय खेल में बेहतर प्रदर्शन किया।

पिथौरागढ़ निवासी और उत्तराखंड पुलिस में कार्यरत कमला बिष्ट बाक्सिंग एसोसिएशन के बुलावे पर तत्काल विमान से दिल्ली से त्रिशूर पहुंची थी। वह प्री क्वार्टर फाइनल तक पहुंचीं और 19-20 के अंतर से व्यक्तिगत स्कोर के आधार पर उनको हारा घोषित किया गया था।

खास बात यह है कि कमला को ट्रायल के लिए भी नहीं बुलाया गया था। अब माना जा रहा है कि अगर कमला को पहले ही टीम में जगह दे दी जाती तो वह पदक हासिल कर सकती थीं।

पहले भी दिया ‘धोखा’
मोनिका और प्रियंका इससे पहले भी उत्तराखंड को धोखा दे चुकी हैं। अक्तूबर 2014 में छत्तीसगढ़ में राष्ट्रीय बाक्सिंग प्रतियोगिता के लिए दोनों का राज्य टीम में चयन  हुआ था। लेकिन टूर्नामेंट से पहले ही दोनों ने पाला बदल लिया।

उत्तराखंड की ओर से खेलने से इनकार कर दोनों रेलवे की टीम से जुड़ गई थीं। तब दोनों ने अपने-अपने भार वर्ग में नेशनल चैंपियन का खिताब जीता था। बता दें कि दोनों रेलवे में कार्यरत हैं।
 
दोनों खिलाड़ियों का राष्ट्रीय खेल के दौरान प्रतियोगिता से ठीक पहले नहीं खेलने का फैसला गलत था। दोनों पहले भी ऐसा कर चुकी हैं। इनकी वजह से प्रदेश की दूसरी बाक्सिंग खिलाड़ियों का हक भी मारा गया। अब हम इन पर भरोसा नहीं कर सकते। इसीलिए दोनों पर हमेशा के लिए उत्तराखंड के लिए खेलने पर प्रतिबंध लगा दिया है। अब वे दोनों अपने विभाग (रेलवे) से ही खेलें।
- निर्वाण मुखर्जी, अध्यक्ष, उत्तराखंड स्टेट बॉक्सिंग एसोसिएशन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें