अगस्त महीने में ऑल इंडिया रैंकिंग जूनियर बैडमिंटन टूर्नामेंट का देहरादून में आयोजन होना है, लेकिन शहर का मुख्य बैडमिंटन हॉल अभी तक तैयार नहीं हो सका है।
खिलाड़ियों को होती है परेशानी
हॉल में बने तीन कोर्टों के बीच कम जगह के कारण खिलाड़ियों को खासी परेशानी होती है। बैडमिंटन एसोसिएशन ऑफ इंडिया ने अगस्त में दून में टूर्नामेंट को मंजूरी दे दी है।
मुख्य आयोजन स्थल परेड ग्राउंड स्थित बैडमिंटन हॉल को बनाया गया है। इस हॉल की दीवारें ही बदहाली की दास्तां बया कर देती हैं। उधड़ी हुई दीवारों को प्लाइवुड से ढकने की कोशिश चल रही है, लेकिन असल समस्या बैडमिंटन कोर्ट की है।
दरअसल हॉल में तीन कोर्ट बने हुए हैं। बीच का कोर्ट वुडन, जबकि दो दो सिंथेटिक हैं। तीनों कोर्टों के बीच जगह जगह कम होने के कारण खिलाड़ियों को परेशानी होती है।
खेलते वक्त टकरा जाते हैं खिलाड़ी
विशेषकर कोर्ट नंबर- तीन और दो के बीच रेफरी की कुर्सी लगाने में भी परेशानी होती है। साथ ही कोर्ट नंबर तीन से हॉल के दीवार के बीच भी जगह कम होने से कई बार खिलाड़ी टकराते-टकराते भी बचते हैं।
इस कारण अधिकतर खिलाड़ी कोर्ट नंबर एक पर ही खेलना पसंद करते हैं। सूत्रों की मानें तो कोर्ट को शिफ्ट किए जाने की योजना थी, लेकिन अभी तक इस पर कोई काम नहीं हो सका है।
जबकि नया सिंथेटिक कोर्ट लगाए जाने की योजना बन रही है। वहीं कोच दीपक रावत की मानें तो टूर्नामेंट तक हॉल पूरी तरह तैयार हो जाएगा। इसके लिए खेल विभाग काम कर रहा है।