टीम इंडिया के उपकप्तान विराट कोहली मैच में पार्ट टाइम गेंदबाज की भूमिका निभाते हैं। वह कभी-कभार ही गेंदबाजी करते हैं। लेकिन आज वेलिंग्टन वनडे में उन्होंने गजब की गेंदबाजी की। उनकी गेंदबाजी पर आज कीवी बल्लेबाज रन बनाने में कामयाब नहीं हुए। जबकि वे अन्य भारतीय गेंदबाजों पर जमकर रन बनाते रहे।
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विराट कोहली दाएं हाथ के फिरकी गेंदबाज हैं और पहले छह ओवर में उन्होंने महज 23 रन दिए। लेकिन अपने कीवी पारी के 44वें और सातवें ओवर में 13 रन दे डाले। साथ ही कप्तान ब्रैंडन मैकुलम (23) का बड़ा विकेट भी झटका।
कोहली बल्लेबाजी में पिछले दो मैचों में बुरी तरह से असफल रहे हैं और उन्होंने कसी हूई गेंदबाजी करते हुए अपना मनोबल बढ़ाया, जो आगे उनकी पारी में काम आया और उन्होंने शानदार 82 रन बनाए।
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कप्तान धोनी ने छुआ एक और मुकाम
कप्तान महेंद्र सिंह धोनी की टीम इंडिया के लिए भले ही यह सीरीज बेहद निराशाजनक रही हो, लेकिन निजी करियर के लिहाज से यह उनके लिए शानदार रहा।
धोनी ने इस मैच से पहले सीरीज में लगातार तीन मैचों में अर्धशतक लगाया था पर वह एक रन से अपने वनडे करियर में आठ हजार रन के आंकड़े को छूने से रह गए थे। आज जब वह बल्लेबाजी करने आए और छठी गेंद पर जब उन्होंने एक रन लेकर अपना खाता खोला तो वह 214 वनडे पारियों में आठ हजार रन पूरे कर लिए।
वह ऐसा करने वाले दुनिया के चौथे बल्लेबाज बन गए हैं। वह सबसे कम पारियों में इस मुकाम को छूने वाले चौथे बल्लेबाज होने के अलावा सौरव गांगुली, सचिन तेंदुलकर और ब्रायन लारा के साथ शामिल हो गए हैं। हालांकि आज यह महज तीन रन से अपने लगातार चौथे अर्धशतक से दूर रह गए।
पांच मैचों की सीरीज में लगाया पांच पचासा
न्यूजीलैंड के युवा बल्लेबाज केन विलियम्सन इन दिनों ऐसे फॉर्म में हैं जो किसी भी उभरते बल्लेबाज के लिए सपने जैसा होता है। भारतीय गेंदबाजों के लिए वह एक अबूझ पहेली बन गए हैं।
23 साल के विलियम्सन अपने निराले अंदाज में ही बल्लेबाजी करते हैं। दुबला-पतला यह बल्लेबाज भारतीय गेंदबाजों की सीरीज में बखिया उखेड़ता रहा है। उन्होंने वनडे सीरीज के सभी पांचों मैच में अर्धशतक ठोकने का कारनामा किया है। ऐसा करने वाले वह यासिर हामिद के बाद दुनिया के दूसरे बल्लेबाज बन गए हैं।
लगातार पांच अर्धशतक लगाने के साथ ही वह किसी द्वीपक्षीय वनडे सीरीज में सर्वाधिक 352 रन बनाने वाले न्यूजीलैंड के बल्लेबाज बन गए हैं। हालांकि अर्धशतक लगाने के बावजूद वह एक भी शतक नहीं लगा सके हैं। इस सीरीज में उन्होंने क्रमशः 71, 77, 65, 60 और 88 रन बनाए हैं। अपने 54 वनडे मैच में वह अब तक तीन शतक के अलावा 11 अर्धशतक लगा चुके हैं। गेंदबाजी में भी उन्होंने कमाल किया और 19 रन देकर दो विकेट निकाले।
तो चार महीने से लगातार पिट रहे हैं गेंदबाज
भारतीय टीम के गेंदबाजों के लिए पिछले चार महीने बहुत बुरे साबित हो रहे हैं। अक्तूबर 2013 से गेंदबाज विपक्षी बल्लेबाजों पर अपना अंकुश लगाने में नाकाम साबित हो रहे हैं।
अक्तूबर से अब तक भारत ने 17 वनडे मैच खेले हैं जिसमें टीम इंडिया के गेंदबाजों ने नौ बार 300 या 300 से ज्यादा रन दिए हैं। जबकि छह मैचों में टीम इंडिया ने 270 या उससे ज्यादा के रन लुटाए हैं। पिछले चार महीने में भारत ने ऑस्ट्रेलिया और वेस्ट इंडीज के साथ घरेलू वनडे सीरीज खेली है, जबकि दक्षिण अफ्रीका और न्यूजीलैंड के खिलाफ उनके घर में सीरीज खेली है।
टीम इंडिया ने दोनों घरेलू सीरीज जीती है, लेकिन विदेशी धरती पर खेली गई दोनों सीरीज में उसे एक भी जीत नसीब नहीं हुई है। भारत की विदेशी धरती पर लगातार आठ मैचों में यह छठी हार है। एक मैच बारिश के कारण रद कर दिया गया था, वहीं एक मैच टाई रहा था। अक्तूबर से हर मैच में गेंदबाजों के रन खर्च की सूची 304/8 359/5 304/6 295/8 350/6 326 211 289/8 263/5 358/4 280/6 301/8 292/7 271/7 314 280/3 303/5 देखिए।
पूर्व कप्तान रॉस टेलर ने भी भारतीय गेंदबाजों पर रन बनाने का मौका नहीं गंवाया। सीरीज के अंतिम दो मैचों में गेंदबाजों के लिए बड़े विलेन बन गए। उन्होंने हर गेंदबाजों पर जमकर निशाना साधा।
वेलिंग्टन वनडे में भी उन्होंने शतकीय पारी खेली। वनडे सीरीज में उन्होंने लगातार दो मैचों में शतक लगाया। वह वनडे क्रिकेट में न्यूजीलैंड की ओर से सर्वाधिक शतक लगाने के मामले में दूसरे नंबर पर आ गए हैं। टेलर ने 10 शतक लगाए। उनसे आगे अब नाथन एस्टल ही हैं जिन्होंने 16 बार शतक लगाया है।
ऐसा नहीं है कि इस सीरीज में उन्होंने सिर्फ दो शतक ही लगाए हैं। पहले दो मैचों में उन्होंने 55 और 57 रनों की पारी खेली थी। जबकि तीसरे मैच में वह 17 रन ही बना पाए थे।