ढाई महीने से भी लंबे समय के लिए इंग्लैंड दौरे पर गए टीम इंडिया के कप्तान महेंद्र सिंह धोनी को जोर का झटका लगा है। उनके खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी हो गया है।
आंध्र की एक अदालत ने भारतीय कप्तान के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी करते पुलिस को निर्देश दिया कि धोनी को 16 जुलाई को अदालत में पेश कराएं।
तीन बार समन जारी होने के बाद धोनी के अदालत में हाजिर नहीं होने से नाराज अनंतपुर की स्थानीय अदालत ने यह सख्त आदेश दिया। कप्तान धोनी पर हिंदुओं की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने का आरोप है।
पिछले साल हुआ था विवाद
यह धार्मिक विवाद एक साल से भी पुराना है। धोनी ने अप्रैल, 2013 में एक बिजनेस मैगजीन के कवर पेज पर भगवान विष्णु का रूप धरा था।
बिजनेस टुडे मैगजीन के कवर पेज पर भगवान विष्णु के रूप में छपे धोनी ने अपने हाथों में जूते समेत कई चीजें पकड़ रखी थी। विष्णु बने धोनी के बगल में हेडिंग लिखा हुआ था 'गॉड ऑफ बिग डील्स'। धोनी के इस विज्ञापन से कई हिंदुओं की भावनाएं आहत हुई थीं।
स्थानीय विश्व हिंदू परिषद के नेता वाई श्याम सुंदर ने इस साल फरवरी में धोनी के खिलाफ एक केस दायर किया कि उन्होंने खुद को एक भगवान की निंदात्मक छवि पेश कर हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाया।
कई अन्य शहरों में चल रहे हैं केस
अदालत ने तीन बार महेंद्र सिंह धोनी को समन जारी किया था लेकिन यह बैरंग वापस आ गया। अदालत ने इस पर धोनी के खिलाफ गिरफ्तारी का वारंट जारी कर दिया।
ऐसा नहीं है कि इस विवादित विज्ञापन से जुड़ा यह एकमात्र मामला है। इसके अलावा देश के कई अन्य शहरों में भी धोनी के खिलाफ हिंदुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने के केस दर्ज कराए जा चुके हैं।
इसी से मिलता-जुलता केस दिल्ली और पुणे के अलावा अन्य शहरों में चल रहे हैं।