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जीत के लिए आए थे या टीम को हराने आए थे युवराज!

Mon, 24 Mar 2014 11:19 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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हरफनमौला क्रिकेटर युवराज सिंह टीम इंडिया की जीत के ट्रंप कार्ड हुआ करते थे लेकिन पिछले कुछ समय से उनके साथ अच्छा नहीं हो रहा है।
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युवराज सिंह ने टी-20 के पहले संस्करण में लगातार छह छक्के लगाने का कारनामा किया था। साथ ही कई जोरदार पारियां भी खेली थी। लेकिन अब उनमें पिछली वाली धार दिखाई नहीं दे रही है।

वह बल्ले से तो आउट ऑफ फॉर्म हैं ही, क्षेत्ररक्षण में बेहद घटिया प्रदर्शन कर रहे हैं। टी-20 वर्ल्ड कप में वह जिस हिसाब से खेल रहे हैं उससे उनका आगे टीम में बने रहने पर संकट आ गया है। भारत भले ही अपने दोनों मैच जीत चुका है लेकिन युवराज ने दोनों मैच में अपनी टीम को एक समय फंसा भी दिया था।
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गेल का आसान कैच टपकाया था

युवराज लंबे समय बाद टीम इंडिया में लौटे हैं और वह भी उस फॉरमेट में जिसमें उनका बल्‍ला जमकर बोलता रहा है।

लेकिन इस बार न सिर्फ बल्‍ला रूठा है बल्कि उनके क्षेत्ररक्षण में वो फुर्ती नहीं दिख रही है जिसके कारण उन्हें दुनिया के सर्वश्रेष्ठ क्षेत्ररक्षकों में गिना जाता है।

वर्ल्ड चैंपियन वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबले में युवराज सिंह ने सातवें ओवर की दूसरी गेंद पर विस्फोटक बल्‍लेबाज क्रिस गेल का कैच तब छोड़ दिया जब उन्होंने इससे पहले वाली गेंद पर छक्का जड़ा था। गेल का यह बेहद आसान ‌कैच था लेकिन युवराज इसे लपक नहीं पाए। यह अलग बात है क‌ि गेल युवराज के जीवनदान का फायदा नहीं उठा पाए और जल्द ही रन आउट हो गए।

पाक के खिलाफ मैच में छोड़ा कैच

ऐसा नहीं है कि युवराज ने सिर्फ वेस्ट इंडीज के खिलाफ मैच में ही कैच छोड़ा है। वह इससे पहले टूर्नामेंट में टीम इंडिया के पहले मुकाबले में भी एक आसान कैच टपका दिया ‌था।

भारत 21 मार्च को चिर-प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान के खिलाफ मैच से टूर्नामेंट में अपना आगाज कर रहा था लेकिन युवराज ने छठे ओवर में पाक टीम के कप्तान मोहम्मद हफीज का कैच छोड़ा दिया।

हालांकि खतरनाक बल्‍लेबाज हफीज (15) को रवींद्र जडेजा ने सस्ते में आउट कर युवराज की गलती को टीम पर भारी नहीं पड़ने दिया।

युवी का बल्‍ला भी रूठा हुआ है

बाएं हाथ के बल्‍लेबाज युवराज सिंह बल्‍ले से भी टीम इंडिया को निराश कर रहे हैं। लंबे समय बाद जब उन्हें टी-20 वर्ल्ड कप के लिए टीम इंडिया में शामिल किया गया तो यह माना गया था कि वह 20-20 ओवर के इस प्रारूप में काफी सफल रहेंगे।

उनका ट्रैक रिकॉर्ड भी यही कहता है। लेकिन अब तक वह अपने बल्‍ले से कमाल नहीं दिखा पाए हैं। वर्ल्ड कप शुरू होने से पहले खेले गए दो अभ्यास मैच में भी युवराज बेहद असफल रहे थे।

श्रीलंका के खिलाफ अभ्यास मैच में 33 रन और इंग्लैंड के खिलाफ 1 रन बना पाए। वेस्टइंडीज के खिलाफ 19 गेंदों में 10 रन बनाने वाले युवराज पाक के खिलाफ महज 1 रन ही बना सके थे।
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युवराज के चक्कर में फंस गया था मैच

वेस्ट इंडीज के खिलाफ मुकाबले में भारत आराम से जीत की ओर बढ़ रहा था। लेकिन विराट कोहली के 15वें ओवर में आउट होने के बाद जब युवराज क्रीज पर आए तो भारत को 32 गेंदों में 23 रन बनाने थे।

युवराज के साथ क्रीज पर रोहित शर्मा अर्धशतक लगाकर खेल रहे थे। युवी ने दूसरी ही गेंद पर चौका लगाकर अपना तेवर जरूर दिखाया, लेकिन इसके बाद वह बेहद धीमे पड़ गए।

दूसरी ओर, विंडीज गेंदबाजों ने युवी पर दबाव बना दिया जिस कारण भारत को जीत के लिए अंतिम ओवर का तक इंतजार करना पड़ा। कोहली और रोह‌ित जब क्रीज पर थे तब लग रहा था कि भारत दो-तीन ओवर पहले ही मैच जीत जाएगा। भारत को 6 गेंदों में जीत के लिए 1 रन बनाना ‌था लेकिन युवी पहले दो गेंद पर कोई रन नहीं बना पाए और तीसरी गेंद पर वह स्लिप में गेल को कैच थमा बैठे।
मैच थोड़ा फंस गया लग रहा था लेकिन सुरेश रैना ने आते ही विजयी रन बनाकर टीम को लगातार दूसरी जीत दिला दी।
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