38वें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी का दावा कर रहे उत्तराखंड को भारतीय ओलंपिक संघ ने खेल सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर आदि का ब्योरा देने के लिए 10 दिसंबर तक वक्त दिया है।
राज्य में खेल सुविधाओं की जानकारी मांगी
मेजबानी पर फैसला 19 दिसंबर को भारतीय ओलंपिक संघ की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में होगा। संघ ने सीएम को पत्र लिखकर राज्य में खेल सुविधाओं की जानकारी मांगी है।
राष्ट्रीय गेम्स की मेजबानी का दावा कर रहे उत्तराखंड के पास अब 9 दिन का समय खेल सुविधाएं, खेल और अन्य इंफ्रास्ट्रचर का प्लान बनाने के लिए बचा है। भारतीय ओलंपिक संघ के सचिव राजीव मेहता ने मुख्यमंत्री हरीश रावत को पत्र लिखकर राज्य में खेल सुविधाओं का ब्योरा मांगा है।
पत्र के मुताबिक संघ ने विस्तृत प्रस्ताव तैयार करने को कहा है। इसमें राष्ट्रीय खेलों की मेजबानी के आयोजन स्थल, खेलों की संख्या, इंफ्रास्ट्रक्चर और सुविधाओं आदि की जानकारी मांगी है।
संघ ने 10 दिसंबर तक प्रस्ताव भेजने को कहा है, ताकि दावा 19 दिसंबर को चेन्नई में होने वाली एजीएम में रखा जा सके। उसी दिन राष्ट्रीय खेलों के मेजबान की घोषणा होगी।
ऑब्जर्वेशन के लिए पांच सदस्यीय कमेटी
भारतीय ओलंपिक संघ ने मुख्यमंत्री रावत के आग्रह पर खेल सुविधाओं के ऑब्जर्वेशन और जरूरतों को बताने के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है।
कमेटी में उत्तराखंड ओलंपिक संघ सचिव निर्माण मुखर्जी, वालीबाल फेडरेशन ऑफ इंडिया अध्यक्ष अवधेश चौधरी, केरल के आइरेन कोसे, उत्तराखंड खेल विभाग में सहायक निदेशक डा. धर्मेंद्र भट्ट और अली अख्तर शामिल हैं।