कश्मीर में आतंक का सबसे कुख्यात और हाइटेक चेहरा बन चुका दस लाख का इनामी हिजबुल कमांडर बुरहान वानी अपने दो साथियों समेत ढेर हो गया।
पुलिस और सुरक्षा बलों को इस साल की यह सबसे बड़ी कामयाबी अनंतनाग जिले के कोकरनाग इलाके में शुक्रवार देर शाम हुई मुठभेड़ में मिली। डीजीपी के राजेंद्रा ने इसकी पुष्टि की है।
16 साल की उम्र में ही आतंकी बना बुरहान घाटी के पढ़े-लिखे युवाओं को बहकाकर आतंकी बना रहा था। फेसबुक पर भी बहुत सक्रिय था। सुरक्षा बलों के लिए मन में गहरी नफरत रखने वाला यह आतंकी 2010 में हिजबुल में शामिल हुआ था।
एक के बाद एक कई बड़ी वारदातों को अंजाम देने के चलते यह जल्दी ही आतंक का आका बन गया। आतंक के मौजूदा दौर में यह कश्मीर का मोस्ट वांटेड आतंकी था।
हालात तनावपूर्ण, अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ सकता है असर
अपने साथियों के साथ बुरहान
- फोटो : File Photo
मुठभेड़ में आतंकियों के मारे जाने के बाद पूरी कश्मीर घाटी में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। पुलवामा, त्राल और अनंतनाग में उत्तेजित भीड़ ने सड़कों पर जमा होकर पथराव शुरू कर दिया है। विरोध प्रकट करने के लिए मस्जिदों से भी लोगों को लोगों से घरों से बाहर निकलने की अपील की जा रही है।
हालात के मद्देनजर अलर्ट जारी कर दिया है। परीक्षाएं स्थगित कर दी गईं हैं7देर रात प्रमुख अलगाववादी नेताओं को भी नजरबंद कर लिया गया। हुर्रियत (जी) के चेयरमैन सैयद अली शाह गिलानी ने शनिवार से तीन दिन की हड़ताल का आह्वान किया है।
इसे देखते हुए श्रीनगर के पुराने शहर में कर्फ्यू जैसी पाबंदियां रहेंगी। दक्षिणी कश्मीर के कुछ इलाकों में भी प्रतिबंध रहेगा। मोबाइल इंटरनेट सेवाएं भी ठप की जा सकती हैं। हालात का असर अमरनाथ यात्रा पर भी पड़ सकता है। सनद रहे कि यात्रा का बेस कैंप अनंतनाग जिले के पहलगाम में ही है।
पूर्व मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने इसे बड़ी खबर बताया है। उप मुख्यमंत्री निर्मल सिंह ने पुलिस और सुरक्षा बलों को बधाई दी है।
सुरक्षा बलों से हथियार छीनकर इस्तेमाल करना बुहरान ग्रुप का इस्टाइल
अपने साथियों के साथ बुरहान
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शुक्रवार की शाम कोकरनाग इलाके के बमदूरा गांव में कुछ आतंकियों के मौजूद होने की खबर मिलने पर सेना की 19 राष्ट्रीय राइफल्स और पुलिस के स्पेशल आपरेशन ग्रुप ने इलाके को घेर लिया।
आतंकियों ने घेरा सख्त होता देख सुरक्षा बलों पर फायरिंग शुरू कर दी। लगभग एक घंटे की मुठभेड़ के बाद फायरिंग थमी तो सुरक्षा बलों ने बुरहान के मारे जाने का दावा किया। आतंक के पोस्टर बॉय के रूप में कुख्यात बुरहान ने घाटी में अपना एक अलग ग्रुप खड़ा कर लिया था।
पाकिस्तान की मदद के बगैर ही आतंकी वारदातों को अंजाम देने तथा आतंकी संगठन को सक्रिय करने में जुटा हुआ था। सुरक्षा बलों से हथियार छीनकर उनका इस्तेमाल करना बुरहान ग्रुप की पसंदीदा मोडस आपरेंडी थी। वह युवाओं को भड़काकर उन्हें आतंकी संगठन में शामिल कराता था।
साथ ही सुरक्षा बलों के हथियार छीनने के लिए उकसाता था। इसके पीछे मकसद यह होता था कि एक बार हथियार छीनने की घटना में शामिल हो गए तो फिर भागकर वापस नहीं जा सकेगा। उसके ग्रुप में कुछ भगोड़े पुलिसकर्मी भी शामिल थे।
हथियार लेकर फरार पुलिसकर्मी नासिर पंडित भी इसी ग्रुप में शामिल हो गया था, जिसे पिछले दिनों सुरक्षाबलों ने मुठभेड़ में मार गिराया। वह व्हाट्सएप तथा फेसबुक के जरिये मीडिया से संपर्क में रहता था।
पुलवामा और त्राल के जंगलों में वह युवाओं को हथियार चलाने का प्रशिक्षण देता था। उसके मारे जाने की खबर फैलते ही इलाके में तनाव व्याप्त हो गया। युवाओं की भीड़ ने चारो ओर से इलाके को घेर लिया।
पुलवामा जिले के त्राल इलाके के शरीफाबाद का रहने वाला बुरहान प्रतिष्ठित और संपन्न कुनबे से ताल्लुक रखता था। उसके पिताजी मुजफ्फर अहमद बानी हायर सेंकेंडरी स्कूल के प्रिसिपल रहे हैं। बुरहान के समर्थकों ने उसके नाम पर एक क्रिकेट टीम भी बना रखी है।