सोने के आयात पर बढ़े हुए आयात शुल्क को वापस लेने के बढ़ते दबाव और यूपीए अध्यक्ष सोनिया गांधी द्वारा सरकार को इस बारे में खत लिखे जाने के बीच सरकार ने कहा है कि वह आयात शुल्क में तत्काल कोई कटौती नहीं करने जा रही है।
सरकार का कहना है कि सोने के आयात पर की गई सख्ती के आशानुरूप नतीजे देखने को मिल रहे हैं। इसलिए यह अभी जारी रहेगी।
सोनिया गांधी ने इस संबंध में वाणिज्य मंत्रालय को पत्र लिखा है। हालांकि पत्र में उन्होंने अपनी ओर से तो इस बारे में कोई राय नहीं रखी है, पर रत्न एवं आभूषण निर्यातकों की ओर से सोने पर आयात शुल्क घटाने की मांग पर ध्यान देने को कहा है।
इसके अलावा उन्होंने सोने के आयात के लिए निर्यात की जोड़ी गई शर्त को वापस लेने पर भी विचार करने को अपने पत्र में कहा है। दूसरी ओर दावोस में विश्व आर्थिक मंच के सम्मेलन में भाग ले रहे वित्त मंत्री पी चिदंबरम ने इस बारे में कहा कि सोने के आयात में कमी लाने के लिए किए गए सख्ती के उपाय तभी वापस लिए जाएंगे, जब चालू खाते का घाटा (कैड) काबू में आ जाएगा। वाणिज्य मंत्री आनंद शर्मा ने भी इस मामले में कुछ ऐसी ही राय व्यक्त की।
उन्होंने कहा कि सोने के आयात को निर्यात से जोड़े जाने की शर्त के अच्छे नतीजे देखने को मिल रहे हैं। शर्मा कहा कि उन्होंने अभी यूपीए अध्यक्ष का पत्र नहीं देखा है। इसलिए वह इस बारे में कोई राय नहीं व्यक्त कर सकते।