फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

संकट के वक्त महिलाओं की मदद करेगा यह साफ्टवेयर

Fri, 18 Jan 2013 04:17 PM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
विज्ञापन
विज्ञापन
महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों को रोकने के लिए नासिक के युवकों ने एक इमरजेंसी ऐप्लीकेशन तैयार किया है। इसकी मदद से महिलाएं किसी मुसीबत में होने पर अपने नजदीकी लोगों को सूचित कर सकती हैं। नासिक के तीन युवाओं द्वारा तैयार किए गए इस ऐप्लीकेशन को 'मी अगेंस्ट रेप' नाम दिया गया है। इस ऐप को हाल ही में महिलाओं के खिलाफ अपराधों में तेजी आने के बाद विकसित किया गया है।
विज्ञापन


इस ऐप्लीकेशन को तैयार करने वाले गुणवंत बट्टाशे (23), इंजीनियर अनूप उन्नीकृष्णन (24) और ग्राफिक डिजाइनर जयेश बांकर (23) ने बताया कि रेप पर रोक लगाने के मकसद से तैयार किए ऐप्लीकेशन को एंड्रायड ऑपरेटिंग सिस्टम वाले स्मार्टफोन पर फ्री में डाउनलोड किया जा सकता है। उन्होंने बताया कि इसमें एक टच पर प्रत्येक 10 मिनट में हेल्पलाइन सुविधा, रिकार्डिंग और पीड़ित महिला के मौजूदा ठिकाने को पता करने की सुविधा होगी।

इसे तैयार करने वाले युवकों ने उम्मीद जताई कि इसके निर्माण से महिलाओं के खिलाफ होने वाले अपराधों पर अंकुश लगाया जा सकता है। गुणवंत, अनूप और जयेश ने बताया कि इस सॉफ्टवेयर को सिर्फ एक सप्ताह के भीतर तैयार किया गया है। एक दिन पहले नासिक के पुलिस कमिश्नर कुलवंत कुमार सारंगल के सामने इसका प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने इसकी सराहना की है।
विज्ञापन


कैसे करेगा काम
किसी भी तरह के संकट में फंसने आप इस ऐप में दिए गए हेल्प बटन पर क्लिक करेंगी तो रजिस्टर्ड नंबर पर तुरंत मैसेज चला जाएगा। यह रजिस्टर्ड नंबर आपके किसी नजदीकी दोस्त या रिश्तेदार का होगा, जो कि आपको फोन में ऐप डाउनलोड करते समय रजिस्टर्ड करना होगा। हेल्प बटन दबाते ही गूगल मैप लिंक के जरिए आपकी मौजूदा लोकेशन की जानकारी परिचित के पास पहुंच जाएगी।

स्मार्टफोन यूजर्स के लिए इसी से मिलते-जुलते ऐप्लीकेशन बाजार में पहले से भी मौजूद है, जिन्हें आप इमरजेंसी के वक्त इस्तेमाल कर सकते हैं। इससे पहले दिल्ली की एक सीक्योरटी सर्विस फर्म ने 'आइवाच' नाम से मोबाइल ऐप लांच किया है।
विज्ञापन


और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें