सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र समेत सभी राज्य सरकारों को सार्वजनिक स्थलों पर मूर्तियों के निर्माण की इजाजत न देने का आदेश दिया है। इस फैसले के पीछे राजनीतिक पार्टियों द्वारा जनता के पैसे से पार्टी नेताओं की मूर्तियों की स्थापना को मुख्य कारण माना जा रहा है। कयास लगाया जा रहा है कि यह आदेश मायावती द्वारा पार्कों के निर्माण्ा पर जनता की कमाई खर्च करने को संज्ञान में लेकर दिया गया है।
गौरतलब है कि मायावती ने अपने शासन काल के दौरान लखनऊ और नोएडा में पार्क बनवाकर बसपा के संस्थापक कांशीराम के अलावा अपनी और पार्टी के चुनाव चिह्न हाथी की मूर्तियां लगवाई। इनके निर्माण में करोड़ों रुपये खर्च किए गए। इन पार्कों पर सरकारी खजाने से धन खर्च करने का आरोप है।