गैस मिश्रित सॉफ्ट ड्रिंक, फ्रूट ड्रिंक, एनर्जी ड्रिंक, मीठी ठंडी चाय से दुनिया भर में हर साल 1 लाख 84 हजार वयस्कों की मौत हो जाती है।
बोस्टन के टफ्स यूनिवर्सिटी के वैज्ञानिकों ने 51 देशों के करीब छह लाख से अधिक लोगों पर आधारित अध्ययन में यह पाया गया है कि यह पेय पदार्थ बिना किसी स्वास्थ्य लाभ के मधुमेह, दिल की बीमारियां व कैंसर जैसे रोग के कारक हैं।
वैज्ञानिकों का कहना है कि चीनी की अधिकता के कारण इन पेय पदार्थों से दुनिया भर में एक साल में 1 लाख 33 हजार मौतें मधुमेह के कारण हुई हैं। इसमें दिल की बीमारियों से मरने वालों की संख्या 45 हजार और कैंसर से मरने वाले लोगों की संख्या 6450 है। ऐसे में वैज्ञानिकों ने विभिन्न देशों की सरकारों से भोजन में से सॉफ्ट ड्रिंक्स को हटाने की अपील की है।
अध्ययन से जुड़े प्रो. डैरिश मोजफ्फरियान का कहना है कि लोगों की जिंदगी को बचाने के लिए हमें अपने भोजन में शामिल सॉफ्ट ड्रिंक में कटौती पर केंद्रित होना चाहिए। उन्होंने कहा कि अपने भोजन से शुगर वाले बेवरेजेस को घटाना या कम करना वैश्विक प्राथमिकता में शामिल होना चाहिए।