मई की भीषण गर्मी में भी लोगों को बिजली और पानी जैसी मूलभूत जरूरतों के लिए जूझना पड़ रहा है। यही परेशानी अब आक्रोश के रूप में सड़कों पर देखने को मिल रही है। कई दिनों से पीने का पानी न मिलने से गुस्साए डूमरकलां के लोगों ने बृहस्पतिवार को जींद-पटियाला हाईवे को जाम कर दिया, वहीं दस दिनों से बिजली न मिलने से नाराज गांव विघाना के ग्रामीणों ने विद्युत कर्मचारियों को कार्यालय में बंद कर बाहर से ताला लगा दिया और जींद-असंद मार्ग पर जाम लगा दिया।
राज्यसभा सदस्य बीरेंद्र सिंह के गांव डूमरखा कलां में ग्रामीणों को पेयजल की समस्या का सामना करना पड़ रहा है। पिछले कई दिनों से गांव में पेजयल की सप्लाई नहीं होने से परेशान डूमरखां कलां और खुर्द के लोगों ने जींद-पटियाला राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम लगा दिया।
जाम लगने की सूचना पाकर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ईश्वर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और समस्या का शीघ्र समाधान का आश्वासन देकर जाम खुलवाया। लगभग आधा घंटे लगे जाम के कारण यात्रियों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
ग्रामीणों ने बताया कि पिछले एक सप्ताह से पीने के पानी की सप्लाई नहीं आ रही है। जिससे उनको दूर-दूर से पानी लाना पड़ रहा है। गर्मी के मौसम में पानी की बहुत आवश्यकता होती है लेकिन जन स्वास्थ्य विभाग द्वारा पानी की सुचारु रूप से नहीं कराई जा रही है, जिससे उनको भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि पेयजल सप्लाई न आने के कारण उनकी दिनचर्या भी प्रभावित हो गई है। उनके घरों तक पानी नही पहुंच पा रहा है और पानी के लिए इधर-उधर भटकना पड़ रहा है। जाम लगने की सूचना पाकर जनस्वास्थ्य विभाग के एसडीओ ईश्वर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि उनके नलों और सप्लाई की पाइप की सफाई करा दी जाएगी और शुक्रवार से उन्हें सुचारु रूप से पानी उपलब्ध हो जाएगा। ग्रामीणों ने प्रशासन को चेताया कि अगर सुबह उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ तो शुक्रवार को फिर जाम लगा दिया जाएगा।