फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

पाकिस्तान को कड़ा संदेश

विज्ञापन
विज्ञापन
अफजल गुरु की फांसी को लेकर पाकिस्तानी संसद में पारित किया गया प्रस्ताव हमारी संप्रभुता को चुनौती देने के साथ ही चौतरफा परेशानियों से जूझ रहे एक नाकाम देश की हताशा को ही प्रकट करता है। हमारी संसद ने सर्वसम्मति से देश के आंतरिक मामलों में दखल देने की इस करतूत के खिलाफ जो प्रस्ताव पारित किया है, उसका स्वागत किया जाना चाहिए।
विज्ञापन


भड़काने वाली कार्रवाई का यही सही जवाब हो सकता था। इसके जरिये भारत ने एक बार फिर अपने पड़ोसी को बता दिया है कि न केवल जम्मू-कश्मीर, बल्कि अनधिकृत तरीके से कब्जाये गए कश्मीर का बाकी हिस्सा भी भारत का अभिन्न अंग है। यह त्रासदी ही है कि भारत हमेशा पाकिस्तान में लोकतांत्रिक व्यवस्था का पक्षधर रहा है और उसने हमेशा वहां की चुनी हुई सरकारों को तवज्जो दी है, मगर वहां की सियासी पार्टियों ने ही भारत विरोधी प्रस्ताव पर मुहर लगाई है।

पाकिस्तान की नेशनल एसेंबली में वह प्रस्ताव उस दिन लाया गया, जिस दिन सांविधानिक रूप से वहां के निचले सदन ने पहली बार पांच वर्ष का अपना कार्यकाल पूरा किया। असल में कश्मीर पाकिस्तान की दुखती रग है, जिसका फायदा वहां की सियासी पार्टियां भी उठाना चाहती हैं, तब तो और जब वहां आम चुनाव नजदीक है। चिंता की बात यह है कि आतंकवाद से पीड़ित होने के बावजूद पाकिस्तान का इस बारे में रुख साफ नहीं है।
विज्ञापन


वास्तव में भारत विरोधी आतंकी गतिविधियों का वह केंद्र है, जिसके न जाने कितने सुबूत उसे दिए जा चुके हैं। एक तरफ उसने मुंबई के हमलावर अजमल कसाब का शव लेने से इंकार कर दिया था, दूसरी ओर उसे अफजल गुरु की फिक्र सता रही है! अफजल गुरु को फांसी दिए जाने के बाद से कश्मीर के माहौल को एक खास तरह से भावनात्मक रंग दिया जा रहा है, जिसका फायदा पाकिस्तान भी उठाना चाहता है।

लेकिन वह यह भूल रहा है कि उसके इस एक कदम ने द्विपक्षीय संबंधों को उस मोड़ पर ला खड़ा किया है, जहां से उसे पटरी पर जल्दी लाना आसान नहीं होगा। 26/11 के मुंबई हमले के बाद दोनों देशों के रिश्ते कई वर्षों के बाद अपने निचले स्तर पर आ गए थे, और अभी कुछ महीने पहले सुधरते दिख रहे थे। नतीजतन उनके बीच वीजा नियमों में ढिलाई से लेकर द्विपक्षीय व्यापार को मजबूत करने की बात हो रही थी, लेकिन यह सिलसिला तब तक आगे नहीं बढ़ सकता, जब तक कि वह भारत विरोधी अभियान बंद नहीं करता।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें