हरियाणा के पूर्व श्रम मंत्री एवं कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता कृष्णमूर्ति हुडडा ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी की श्रम सुधार नीति से केवल उद्योगपतियों को लाभ होगा।
इससे देश के 10 करोड़ संगठित श्रमिकों के हक पर कुठाराघात होगा। आरोप लगाया कि अडानी, अंबानी व अन्य उद्योगपतियों से आर्थिक सहयोग लेकर सत्ता में आए मोदी ने अब उनका हक अदा करने के लिए श्रम सुधारों के नाम पर श्रमेव जयते कार्यक्रम की घोषणा कर श्रमिकों को धोखा दिया है।
हुड्डा शनिवार को अपने आवास पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। कहा कि श्रमिक मोदी को समझ नहीं सके। इसके विरोध में 5 दिसंबर को हो रहे भारत बंद में श्रमिक पार्टी से परे हटकर बढ़ चढ़कर हिस्सा लेंगे।
पूर्व मंत्री हुड्डा ने दावा किया कि मोदी की इस नीति का तो भाजपा की लेबर विंग भारतीय मजदूर संघ ने भी विरोध किया है। श्रमेव जयते कार्यक्रम की घोषणा के पहले मोदी ने श्रमिक संगठनों से भी सलाह लेना जरूरी नहीं समझा। केवल उद्योगपतियों से राय लेकर यह घोषणा कर दी। इस नियम से फैक्ट्री में कोई समस्या होती है तो लेबर इंस्पेक्टर वहां जाकर मजदूर की समस्या नहीं सुन सकेंगे। श्रमिक अब अपनी समस्या किसको बतायेंगे। उन्होंने प्रधानमंत्री से अनुरोध किया है कि श्रमिक विरोधी इस कार्यक्रम को वापस लें। कहा, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने श्रमिकों को ललकारा है। उनको इसका माकूल जवाब मिलेगा।
एकजुट हों कांग्रेसी
मतगणना से पूर्व ही अजय यादव सहित कांग्रेस के कई नेताओं के हार मानने के सवाल पर पूर्व मंत्री ने कहा कि उन्हें ऐसा नहीं करना चाहिए। उन्हें इस समय एकजुटता का परिचय देना चाहिए। प्रदेश में कांग्रेस को बहुमत मिलेगा और तीसरी बार सरकार बनाएगी।