जिले में चुनाव ड्यूटी में लगे 3400 कर्मचारी, 2700 पुलिसकर्मी और 6587 सर्विस वोट में से मात्र 115 कर्मचारियों के ही मतपत्र शनिवार शाम तक मिले हैं।
अधिकारियों का कहना है कि 19 अक्टूबर को सुबह 8 बजे तक अगर कोई और मतपत्र पहुंचता है तो उसे मतगणना में शामिल कर लिया जाएगा। इसके बाद पहुंचने वाले मतपत्र को काउंटिंग में शामिल नहीं किया जाएगा।
वाया डाक उनके मतपत्र संबंधित हलके के मतगणना स्थल पर पहुंचने हैं। अब रविवार को पहली डाक पर बहुत से लोगों के मतदान का दारोमदार है। बता दें कि जिले में चुनाव ड्यूटी में लगे 3400 कर्मचारियों में से 260, 2700 पुलिसकर्मियों में से 70 और 6587 सर्विस वोटर में से 401 (कुल 731) ने ही बैलेट पेपर लिए थे।
निर्णायक साबित होते ये वोट
कांटे के मुकाबले में जिले के कर्मचारियों के 12572 वोट निर्णायक साबित हो सकते थे। लेकिन प्रशासन की अधूरी व्यवस्था और अधूरी जानकारी के कारण ये कर्मचारी अपने वोट के अधिकार के प्रयोग से वंचित रह गए। पूरे प्रदेश में वोटिंग से वंचित रहे कर्मचारियों की संख्या एक लाख के करीब बताई जा रही है।
जिन लोगों ने आवेदन किया और फार्म-12 भरा, उनको बैलेट पेपर दिए गए। रविवार सुबह 8 बजे तक जिनकी डाक पहुंच जाएगी, उनको मतगणना में शामिल कर लिया जाएगा।
दलबीर सिंह, एसडीएम एवं सहायक चुनाव अधिकारी रोहतक।