एक ओर कानपुर में नरेंद्र मोदी ने अपनी 'विजय शंखनाद रैली' में कांग्रेस पर हमले बोले तो वहीं, कांग्रेस महासचिव दिग्विजय सिंह ने ट्विटर के जरिए मोदी के विकास मॉडल पर निशाना साधा।
दिग्विजय सिंह गुजरात के मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को प्रचारित गुजरात विकास मॉडल पर बहस करने की चुनौती दे रहे हैं। एक बार फिर उन्होंने ट्विटर पर मोदी को विकास के मुद्दे पर बहस के लिए ललकारा।
साथ ही सिंह दिग्विजय सिंह ने नरेंद्र मोदी के न्यूज चैनल पर एक अधूरे साक्षात्कार का जिक्र करते हुए लिखा है, 'नरेंद्र मोदी करण थापर के शो से क्यों भाग गए थे? असली संघी को सामने से नहीं, पीठ पीछे वार करने का ही प्रशिक्षण दिया जाता है।'
इस साक्षात्कार के दौरान जब नरेंद्र मोदी से गुजरात दंगों पर कई सवाल पूछे गए तो वो शो छोड़कर चले गए थे।
उन्होंने आगे लिखा है, मैं मोदी समर्थकों से एक और गालियों की बौछार की अपेक्षा कर रहा हूं। क्या मोदी विकास पर बहस करने के लिए तैयार होंगे? उनमें बहस का सामना करने की हिम्मत नहीं है।'
दिग्विजय ने ट्विटर पर तेंदुलकर कमेटी के आधार पर बनाई गई एक सूची का लिंक भी दिया है। इस सूची के मुताबिक साल 2009-10 से 2010-11 के बीच गुजरात गरीबी कम करने के मामले में 13वें नंबर पर है। बिहार, आंध्र प्रदेश, छत्तीसगढ़, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखंड का प्रदर्शन गुजरात से बेहतर है।
इससे पहले दिग्विजय सिंह ने शुक्रवार को योजना आयोग के आंकड़ों के हवाले से लिखा था कि गुजरात में प्रति व्यक्ति ऋण देश में सबसे ज्यादा है। राज्य का हर व्यक्ति कर्ज के बोझ से दबा हुआ है।
सिंह ने यह भी कहा था कि वह लगातार 12 दिनों तक इस विषय पर मोदी के फर्जी आंकड़ों की पोल खोलकर दुनिया के सामने रखेंगे। इसमें कई चौंकाने वाले तथ्य मिलेंगे।