पांच वर्ष से कम उम्र के कम से कम 1,000 बच्चे आज भी डायरिया के चलते सिर्फ इसलिए मौत का शिकार हो जाते हैं क्योंकि ना उन्हें पर्याप्त मात्रा में शुद्ध पानी मिल पाता है और न ही उन्हें स्वच्छ व स्वस्थ वातावरण मिलता है।
दुनिया के विकासशील देशों में अधिकांश ग्रामीण इलाकों की यह तस्वीर मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र की दो बड़ी एजेंसियों ने पेश की है। यह रिपोर्ट साफ पानी और खुले में शौच के चलते बच्चों के जीवित रहने की दर और अन्य स्वास्थ्य मापकों की डरावनी स्थिति की तरफ इशारा करती है।
विश्व स्वास्थ्य संगठन और यूनीसेफ द्वारा घोषित इस संयुक्त रिपोर्ट में कहा है कि वर्ष 2000 की तुलना में मौत का यह आंकड़ा यद्यपि आधा रह गया है, लेकिन दुनिया के हर तीन में से एक इंसान को अथवा 2.4 अरब लोगों को स्वच्छता सुविधा नसीब नहीं हो रही है।