बेहतर याददाश्त और तेज दिमाग के लिए नींद जरूरी है ऐसा तो अब तक डॉक्टर कहते ही आए हैं पर हाल में हुए एक शोध में इसका विकल्प का दावा किया गया है।
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कोलोराडो कॉलेज के शोधकर्ताओं की मानें तो भरपूर नींद लेने के बजाय अगर आप अच्छी नांद के बारे में सोच भी लें तो इससे आपकी याददाश्त और दिमाग पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
शोधकर्ता क्रिस्टीना ड्रैगनिक और क्रिस्टी एर्डल ने छात्रों पर किए गए शोध में माना कि जो छात्र अच्छी नींद न हो पाने के बाद भी यह मानकर चलते हैं कि उनकी नींद अच्छी हुई है, वे परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन देते हैं।
शोधकर्ताओं ने इस मानसिक अवस्था को 'प्लेसबो स्लीप' का नाम दिया है और माना है कि इसका हमारे मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
हालांकि इससे शरीर को क्या नकारात्मक परिणाम भुगतना पड़ सकता है, इस पर शोधकर्ता अध्ययन कर ही रहे हैं इसलिए यहग नहीं मान सकते हैं कि यह नींद का पूरी तरह सेहतमंद विकल्प हो सकता है।
यह शोध जर्नल ऑफ एक्सपेरिमेंटल साइकोलॉजीः लर्निंग, मेमोरी और कॉग्नीशन में प्रकाशित हुआ है।