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नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षणों की ऐसे करें पहचान

Sat, 23 Feb 2013 10:21 AM IST
नई दिल्ली/इंटरनेट डेस्क
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तनाव और रोजमर्रा की भागदौड के बीच व्यवहार और मानसिक स्थिति में कुछ ऐसे परिवर्तन होते हैं जिन्हें अगर सही समय पर नहीं पहचाना गया तो आगे चलकर आप नर्वस ब्रेकडाउन के शिकार हो सकते हैं। नर्वस ब्रेकडाउन एक ऐसी मानसिक अवस्था है जो कुछ समय के लिए आपको अवसाद में इस तरह डुबो सकती है कि आप अपना मानसिक संतुलन तक खो सकते हैं।
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नर्वस ब्रेकडाउन के की कारण हो सकते हैं लेकिन अभी तक विज्ञान इस मानसिक समस्या का ठोस कारण नहीं खोज सका है। इसके लक्षणों के आधाक पर चिकित्सक आपको इस स्थिति से उबारने में मदद करते हैं। अगर आप अपने या अपने करीबियों के व्यवहार में इन परिवर्तनों को महसूस कर रहे हैं, तो तुरंत कदम उठाएं क्योंकि ये बदलाव नर्वस ब्रेकडाउन के लक्षण हो सकते हैं।

मूड में बार-बार बदलाव
कई बार नर्वस ब्रेकडाउन की स्थिति में मूड तेजी से बदलता है। छोटी-छोटी बातों पर आप आप बहुत जल्दी दुखी हो जाते हैं या जल्दी गुस्सा आ जाता है जो आपके सामान्य व्यवहार से बहुत अलग लगता है। अगर आप समय रहते इस बदलाव को पहचानें और चिकित्सक से बात करें।
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आत्महत्या का खयाल आना
किसी भी कारण से अगर मन में आत्महत्या का विचार आए तो तुरंत मनोचिकित्सक से संपर्क करें। इस तरह का खयाल नर्वस ब्रेकडाउन की अवस्था में आना बेहद स्वाभाविक होता है।  

अवसाद
अवसाद की अवस्था भी नर्वस ब्रेकडाउन के संकेत देती है। इस अवस्था से निकलने के लिए योग और चिकित्सकीय परामर्श बहुत जरूरी है, अन्यथा यह आपको मानसिक रोगी बना सकती है।  

थकान और तनाव
बहुत अधिक तनाव और थकान की वजह से भी यह समस्या हो सकती है। इससे बचने के लिए अच्छी नींद और अच्छा रुटीन बहुत जरूरी है। कई बार आप तनाव की स्थिति में परिवार और समाज से कटना शुरू कर देते हैं जिससे आपके भीतर छिपे भाव आपको नर्वस ब्रेकडाउन की स्थिति तक पहुंचा देते हैं।  

सेक्स लाइफ पर प्रभाव
अगर आप नर्वस ब्रेकडाउन की अवस्था में हैं तो इसका प्रभाव आपकी सेक्स लाइफ पर भी पड़ सकता है। आपके व्यवहार से सेक्स के प्रति अनिच्छा का भाव नजरअंदाज करने वाली बात नहीं है।

एकाग्र नहीं हो पाते हैं
इस अवस्था के दौरान आप किसी भी कार्य पर पूरी तरह ध्यान नहीं दे पाते हैं और कहीं भी आपका मन नहीं लगता। योग और एक्सरसाइज से इस स्थिति से उबरने में आपको आसानी होगी।

शारीरिक लक्षण
नर्वस ब्रेकडाउन से न सिर्फ आपकी मानसिक अवस्था में कोई परिवर्तन होगा बल्कि कई शारीरिक समस्याएं भी इस अवस्था का इशारा हो सकती है। नर्वस ब्रेकडाउन के दौरान हार्ट बीट अनियमित रहती है, पेट खराब होना, मांसपेशियों में खिंचाव, बहुत अधिक कमजोरी महसूस होना या बेचैनी जैसी समस्याएं भी हो सकती हैं।

भावनाओं पर नियंत्रण नहीं रहता
नर्वस ब्रेकडाउन के दौरान यह लक्षण बहुत अधिक देखा जाता है। आप छोटी-छोटी बातों पर घंटों रोते हैं, अकेलापन लगता है और मन में बहुत अधिक नकारात्मक विचार आते हैं। कई बार तो अपने आस-पास के सभी लोगों से आप खुद को इतना कटा महसूस करते हैं कि आप बिना किसी कारण के ही हर किसी से नाराज होने लगते हैं।

पैनिक अटैक
कई बार नर्वस ब्रेकडाउन की स्थिति में आपको पैनिक अटैक का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में सांस लेने में तकलीफ, चिंता, ऐसे विचार कि कोई हर दम आपका गला दबा रहा हो, जैसे भाव आपके मन में इतनी तेजी से आते हैं कि यह पैनिक अटैक का रूप ले लेते हैं।
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