मूंग की दाल एक कटोरी, मावा एक कटोरी, मैदा डेढ़ कटोरी, पीसी चीनी एक कटोरी, शुद्ध घी तीन बड़ा चम्मच, केसर8-10 धागा, चीनी दो कटोरी, पानी दो कटोरी, बादाम पिस्ता (बारीक कटे) दो बड़े चम्मच, हरी इलायची चार से पांच, तलने के लिए रिफाइंड तेल, चांदी का वर्क सजाने के लिए।
विधि
दाल को 4-5 घंटे के लिए भिगोएं। इसके बाद इसे धोकर बारीक पीसें।
एक कड़ाही में घी गर्म कर मूंग पेस्ट को तब तक भूनें जब तक कि उसका पानी न सूख जाए।
ध्यान रखें कि दाल में कोई गांठ न पड़े। अब मावे को भी भूनें। फिर दाल, मावा, हरी इलायची और पीसी हुई चीनी को एक साथ मिलाकर भरावन की सामग्री तैयार करें। चीनी और पानी को लेकर एक तार की चाशनी बनाएं।
चाशनी को साफ करने के लिए उसमें थोड़ा-सा दूध डालें। केसर भी चाशनी में डालें।
अब मैदे में 3 बड़ा चम्मच रिफाइंड ऑयल मिक्स करें। फिर इसे मुलायम गूंथ लें।
मैदे की छोटी-छोटी पूरियां बेलकर दाल वाले मिश्रण को रखें और गुझिया की शेप देकर बंद करें।
इसके बाद इसे घी या रिफाइंड ऑयल में गुलाबी होने तक तलें। तैयार गुझिये को चाशनी में 10 मिनट के लिए रखें।
कटे हुए बादाम-पिस्ता और चांदी के वर्क से सजा लें।
मूंग के व्यंजनों की थीम पर आधारित यह ‘रूपायन रसोई की रानी’ प्रतियोगिता की विजेता औरैया निवासी पंकज कुमारी की खास रेसिपी है जो इस प्रतियोगिता की तीन विजेताओं में से एक हैं।
स्वाद का यह सफर यहीं खत्म नहीं हुआ है, इस प्रतियोगिता की चुनिंदा रेसिपी पढ़ने के लिए के लिए हमसे जुड़े रहें और फेसबुक पर अमर उजाला पेज को लाइक करें।