मोबाइल फोन डाटा मलेरिया से और अधिक प्रभावी तरीके से निपटने में मददगार साबित हो सकते हैं। नामीबिया में किए गए एक अध्ययन में इस बात का दावा किया गया है।
यूनिवर्सिटी ऑफ साउथहैंपटन और नेशनल वेक्टर-बॉर्न डिजीज कंट्रोल प्रोग्राम के नेतृत्व में किए गए इस अंतरराष्ट्रीय अध्ययन में शोधकर्ताओं ने इस खतरनाक बीमारी से बेहतर तरीके से निपटने के लिए मोबाइल फोन डाटा का इस्तेमाल किया।
इसके साथ उनके पास जलवायु, भौगोलिक स्थिति और मलेरिया के मामलों से जुड़ी जानकारियां भी मौजूद थीं। इनकी मदद से शोधकर्ता इस बीमारी की भौगोलिक केंद्रों की पहचान करने और इसके उन्मूलन के लिए लक्षित योजना तैयार करने में सक्षम रहे।