शोधकर्ताओं का कहना है कि किशोर अवस्था के बच्चों में कम सोने से शराब, ड्रग और सेक्स संबंधी गलत व्यवहार के होने का ख़तरा रहता है।
अमरीकी वैज्ञानिकों ने शोध में पाया है कि कम सोने वाले किशोर अच्छी नींद लेने वालों की तुलना में भविष्य में गलत आचरण के शिकार होते हैं।
उनका कहना है कि माता-पिता को किशोरावस्था वाले बच्चों का ख़ास ख्याल रखना चाहिए।
शोधकर्ताओं ने 'अल्कहोलिज्म: क्लिनिकल एंड एक्सपेरिमेंटल रिसर्च' जर्नल में लिखते हुए अमरीका के 6,500 से ज़्यादा किशोरों का विश्लेषण किया है।
उन्होंने 1994 से लेकर 2002 तक के बीच सोने की आदतें,शराब और ड्रग के सेवन पर सर्वे कर यह नतीजा निकाला।