फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

देर रात तक जगने वाले किशोरों को हो सकती है यह दिक्कत

Sat, 02 Aug 2014 11:49 AM IST
टीम डिजिटल/अमर उजाला, दिल्ली
विज्ञापन
विज्ञापन
देर रात तक जगने की आदत किशोरों की सेहत के लिए बड़ा खतरा हो सकती है। हाल में हुए शोध की मानें तो जो किशोर शाम में अधिक सक्रिय रहते हैं या देर रात में भी सोते नहीं, उन्हें मानसिक समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।
विज्ञापन


आस्ट्रेलिया की यूनिवर्सिटी ऑफ एडिलेड के शोधकर्ताओं का मानना है कि शाम में अधिक सक्रिय रहने वाले किशोरों को अवसाद व अनिद्रा जैसी समस्याओं का रिस्क अधिक होता है।

शोध के दौरान 13 से 16 साल की आयु तक के किशोरों पर अध्ययन किया गया और पाया गया कि 11 प्रतिशत बच्चों को देर रात तक जगने के कारण मानसिक समस्याएं होती हैं।
विज्ञापन


शोधकर्ता पैसक्वेल एल्वेरो के अनुसार, "हमने कई देशों के किशोंरों पर यह अध्ययन किया और पाया कि 11 प्रतिशत बच्चे अपनी इस जीवनशैली के कारण अवसाद व अनिद्रा से ग्रसित हैं।"
विज्ञापन


यह शोध स्लीप मेडिसिन जर्नल में प्रकाशित हुआ है।
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें