पंजाब की सरजमीं से निकले मिल्खा सिंह ने अपनी दौड़ से दुनिया भर में देश का परचम लहराया। उसी पंजाब की जवानी अब एथलेटिक्स में दूसरे सूबों से काफी पिछड़ गई है। इसे देखते शिक्षा विभाग ने अब कम उम्र में प्रतिभा की पहचान कर उसे तराशने की योजना बनाई है ताकि स्कूलों से ही मिल्खा सिंह तैयार हो सकें। वीरवार को कॉमनवेल्थ गेम्स में डिस्कस थ्रो में विकास गौड़ा का गोल्ड मेडल भी बच्चों के लिए प्रेरणा बनेगा।
शिक्षा विभाग ने स्कूलों में एथलेटिक्स का स्तर ऊंचा करने के लिए योजना बनाई है। सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को पत्र लिखकर हिदायत दी गई है कि सभी स्कूलों में लड़के व लड़कियों का स्पोर्ट्स टैलेंट हंट कराया जाए, जिसमें विद्यार्थियों की खेलों के प्रति गुणवत्ता को परखा जाए। रुचि के मुताबिक उनके विभिन्न एथलेटिक्स मुकाबले कराए जाएं, जिसमें सभी विद्यार्थियों का हिस्सा लेना यकीनी बनाया जाए।
स्कूल टाइम से पहले या बाद में कुछ देर प्रैक्टिस कराई जाए। आयोजन के समय 59वें नेशनल स्कूल गेम्स के प्रदर्शन को भी मद्देनजर रखा जाए। विभाग ने सभी जिलों को स्कूल गेम्स केरिकार्ड, पहले स्थान और क्वालीफाइंग टारगेट का ब्योरा भी भेजा है। सभी स्कूलों में यह ब्योरा नोटिस बोर्ड पर लगाया जाए। मॉर्निंग असेंबली में बच्चों को इसकी जानकारी दी जाए। इसमें लड़के और लड़कियों के अंडर 14, 17 और 19 साल के मुकाबले कराए जाएंगे।
एथलेटिक्स मीट के दौरान जो बच्चे क्वालीफाइंग टारगेट पूरा करते हैं, उनका ब्योरा जल्द से जल्द विभाग को भेजा जाए। अगर कोई विद्यार्थी किसी खास खेल में सराहनीय प्रदर्शन करता है तो उसकी विशेष तौर पर जानकारी दी जाए ताकि विभाग उनकी ट्रेनिंग का इंतजाम कर सके।
एथलेटिक्स में दसवें स्थान पर खिसका पंजाब
स्कूल गेम्स में पंजाब की ओवरआल रैंकिंग तीसरी है। पंजाब हॉकी, बास्केटबॉल, नेटबॉल, फुटबॉल जैसे खेलों में काफी आगे है, लेकिन एथलेटिक्स में पंजाब दसवीं पोजीशन पर खिसक गया है। एथलेटिक्स के प्रति रुझान से लेकर सुविधाओं की कमी को इसका अहम कारण माना जा रहा है। कई जगह तो चार सौ मीटर ट्रैक तक की सुविधा नहीं है।
चार स्कूलों का किया गया है चयन
शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर (फिजिकल एजुकेशन) सरबजीत सिंह तूर ने बताया कि सभी जिलों को 15 अगस्त तक विशेष एथलेटिक मीट आयोजित करने को कहा गया है। उसमें क्वालीफाइंग टारगेट पूरा करने वाले विद्यार्थियों को खास ट्रेनिंग दी जाएगी। इसके लिए लुधियाना, होशियारपुर, कपूरथला व बठिंडा के चार स्कूल चुने गए हैं।
नेशनल स्कूल गेम्स केएथलेटिक मुकाबले दिसंबर में होने की उम्मीद है। उससे पहले चुने गए विद्यार्थियों को डेढ़ से दो महीने की ट्रेनिंग दी जाएगी। इसमें निजी स्कूल भी अपने प्रतिभाशाली विद्यार्थी भेज सकते हैं।