'यार, ये एक्जाम्स आते ही क्यों हैं?' अक्सर परीक्षा के दिनों में बच्चों के मुंह से ऐसी बातें सुनकर आप उनके स्ट्रेस का अंदाजा नहीं लगा पाते हैं, लेकिन वही बच्चा अगर परीक्षा के एक दिन पहले इतना स्ट्रेस में आ जाए कि उसे तेज बुखार हो या परीक्षा के समय कुछ भी याद न आए, तो आपको जरूर पछतावा होगा। ऐसे में जरूरी है कि आप इन दिनों उसके स्ट्रेस को कम करने और बैलेंस बनाने के लिए इन उपायों को अपनाएं।
मनोबल बढ़ाएं
यह ऐसा दौर है जिसमें आपके बच्चे को आपसे सपोर्ट की सबसे ज्यादा जरूरत होती है। ऐसे में आप उसका मनोबल बढ़ाएं। इससे उसका तनाव भी कम होगा और आत्मविश्वास भी बढ़ेगा।
टाइमटेबल में समझौता नहीं
परीक्षा के समय टाइमटेबल तो बनाना जितना जरूरी है, उसपर कायम रहना भी उतना ही जरूरी है। कितनी देर पढ़ना है, कितनी देर आराम करना है, खाने और सोने में से किसी भी गतिविधि के साथ बच्चे को समझौता न करने दें। इससे स्ट्रेस भी कम रहता है और उसे बैलेंस बनाने में भी आसानी होगी।
डाइट पर दें ध्यान
परीक्षा के दिनों में बच्चे की मेहनत दोगुनी हो जाती है। ऐसे में उसकी डाइट को लेकर आप बिल्कुल न चूंकें। उसे हेल्दी डाइट दें। एक साथ हेवी डाइट के बजाय छोटे-छोटे ब्रेक में कुछ न कुछ खाने को दें। फल, सब्जियां, जूस और लाइट स्नैक्स थोड़ी-थोड़ी देर पर बच्चे को देते रहें।
ब्रेक भी जरूरी
परीक्षा के समय बच्चा अगर लगातार घंटों तक पढ़ेगा तो स्ट्रेस तो बढ़ेगा ही। ऐसे में उसे बीच-बीचे में छोटा ब्रेक लेने के लिए कहें। इससे वह तरोताजा रहेगा और रिविजन भी अच्छी तरह होगा।
तुलना न करें
हर बच्चे अपनेआप में स्पेशल है। आप पड़ोसियों के बच्चे को देखकर उनसे अपने बच्चे की तुलना कतई न करें। इससे उसकी परफॉरमेंस बढ़ेगी नहीं बल्कि सिर्फ तनाव ही़ बढ़ेगा।