दशकों पहले सफाई कर्मचारियों के जो पद सृजित हुए, उसके बाद आबादी चार गुना बढ़ चुकी है। सूबे के 77 हजार नियमित व 65 हजार संविदा कर्मचारियों को शहरों को स्वच्छ रखने में भी कठिनाइयां हो रही हैं।
इसलिए 26 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यूपी में एक लाख सफाई कर्मियों के पद सृजन और संविदा कर्मियों के नियमितीकरण का तोहफा दे सकते हैं।
राज्य कर्मचारी आयोग के अध्यक्ष जुगुल किशोर वाल्मीकि ने अमर उजाला से बातचीत में कहा कि सूबे में आबादी के अनुपात में सफाई कर्मचारियों की संख्या अत्यधिक कम है। सिर्फ 77 हजार नियमित और 65 हजार सफाई कर्मचारियों के कंधे पर शहरों को स्वच्छ रखने की जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि हालांकि मौजूदा कर्मचारी कड़ी मेहनत करके सफाई का काम भी दे रहे हैं, लेकिन कार्य दिनों दिन मुश्किल हो रहा है।
उन्होंने मुख्यमंत्री से एक लाख नियमित सफाई कर्मचारियों के पद सृजित करके उनकी भर्ती करने और संविदा कर्मचारियों का नियमितीकरण, मानदेय वृद्धि की मांग रखी है, जिस पर गंभीरता से विचार विमर्श किया जा सकता है।
26 नवंबर को मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की लखनऊ में उत्तर प्रदेश सफाई मजदूर संघ, उत्तर प्रदेश वाल्मीकि महासभा और पंचायत राज विभाग कर्मचारी संघ आदि की ओर से रैली है। इस रैली में मुख्यमंत्री उनकी मांगों को पूरा करने का ऐलान कर सकते हैं।