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जी न्यूज के सुधीर चौधरी का विवादों से है पुराना नाता

Thu, 29 Nov 2012 07:47 AM IST
नई दिल्ली/ब्यूरो
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जी न्यूज के संपादक सुधीर चौधरी का विवादों से पुराना नाता रहा है। अगस्त 2007 में एक निजी टीवी चैनल पर महिला स्कूल टीचर उमा खुराना का फर्जी स्टिंग ऑपरेशन दिखाकर वे विवादों में घिर गए थे। प्रकाश सिंह रिपोर्टर की मदद से तैयार किए गए स्टिंग में टीचर को स्कूली छात्राओं को सेक्स के लिए ग्राहकों को पेश करते हुए दिखाया गया था। खबर उस समय एक न्यूज चैनल पर प्रसारित की गई थी। सुधीर तब इस चैनल के सीईओ थे।
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खबर के बाद तुर्कमान गेट स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जमकर हंगामा हुआ था। भीड़ ने उमा खुराना को जान से मारने का प्रयास किया था। दबाव के बाद पुलिस ने उमा को गिरफ्तार कर लिया था। छानबीन के बाद उमा को बेकसूर पाया गया। फर्जी स्टिंग के आरोप में प्रकाश को गिरफ्तार करके उसके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। सुधीर को पूरी घटना का सूत्रधार बताया गया।

खबर चलते ही हुआ था हंगामा
28 अगस्त 2007 को चैनल पर स्टिंग ऑपरेशन की खबर प्रसारित कर दी गई। खबर चलते ही तुर्कमान गेट स्थित सरकारी स्कूल के बाहर जमकर हंगामा हुआ। गुस्साई भीड़ ने टीचर को स्कूल के बाहर खींचकर सड़क पर जान से मारने का प्रयास किया। मौके पर पहुंची पुलिस पर भी भीड़ ने पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ियों में आग लगा दी गई। लोगों के दबाव में पुलिस ने छात्राओं से सेक्स रैकेट चलवाने के आरोप में उमा खुराना को गिरफ्तार कर लिया।
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फर्जी पाया गया था स्टिंग
जांच के बाद स्टिंग फर्जी पाया गया। छानबीन में पुलिस के सामने जो तथ्य सामने आए उसमें पता चला कि स्टिंग पूर्वी दिल्ली निवासी वीरेंद्र अरोड़ा के कहने पर हुआ। चिट फंड का धंधा करने वाले वीरेंद्र की उमा के साथ रुपयों का कुछ लेनदेन था। योजना के तहत उसने प्रकाश सिंह के साथ मिलकर फर्जी तरीके से उमा को सेक्स के लिए रुपयों की बात करते हुए दिखाया।

यहां तक स्टिंग में 15 साल की एक लड़की को भी ग्राहक को पेश करते हुए दिखाया गया। स्टिंग फर्जी पाए जाने पर वीरेंद्र और प्रकाश सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया। सुधीर की स्टिंग ऑपरेशन में बड़ी फजीहत हुई। बाद में खबर प्रसारित करने वाले न्यूज चैनल पर एक महीने का प्रतिबंध भी लगा दिया गया। जांच में पाया गया कि टीआरपी बढ़ाने के लिए फर्जी तरीके से सारा ड्रामा रचा गया। उमा ने निजी चैनल पर मानहानि का दावा भी किया।
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