संसद के मानसून सत्र के आखिरी दिनों में कांग्रेस की रणनीति कमजोर पड़ने पर राहुल गांधी की युवा ब्रिगेड बुजुर्ग कांग्रेसी नेताओं को जिम्मेदार ठहरा रही है।
युवा ब्रिगेड के नेताओं का कहना है कि पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं के बचकर यानी सेफ खेलने के चक्कर में पार्टी की फजीहत हुई। लोकसभा में युवा सांसदों का कहना है कि कांग्रेस उपाध्यक्ष को कई युवा नेताओं ने कहा था कि संसद में चर्चा कराने के बजाय हंगामा कर इनको नहीं सुनने के सिलसिले को जारी रखना चाहिए।
मगर कई वरिष्ठ नेताओं की सलाह पर सोनिया ने सदन में चर्चा को प्राथमिकता दी। वहीं सरकार ने भी चालाकी दिखाते हुए कांग्रेस के कामरोको प्रस्ताव के तहत चर्चा करवाने की मांग को तुरंत मान लिया।
कई बुजुर्ग नेताओं ने सोनिया को राय दी थी कि कांग्रेस पर चर्चा से भागने के आरोप लग रहे हैं। इसलिए चर्चा के जरिए सरकार पर तीखा हमला करने का मौका छोड़ा जाना नहीं चाहिए। युवा नेताओं ने इसे लेकर कांग्रेस उपाध्यक्ष को शिकायत की है।