फ्रांस से 36 राफेल लड़ाकू विमानों की सीधी खरीद को लेकर सौदेबाजी में आई अड़चन के कारण भारतीय वायु सेना के आधुनिकीकरण पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। भारतीय पक्ष राफेल सौदे की राशि का एक निश्चित हिस्सा भारत में निवेश करने पर जोर दे रहा है, जबकि फ्रांस का कहना है कि ऐसा करने से राफेल विमानों की लागत बढ़ जाएगी।
इसके अलावा भारतीय वायु सेना इन विमानों में अपने हिसाब से बदलाव चाहती है, जिससे कि इनमें वह अपने हिसाब से हथियार ले जा सके। अभी इन विमानों का निर्माण फ्रांसीसी हथियारों के हिसाब से किया गया है। इससे भी विमानों की लागत बढ़ने की संभावना है।
हाल ही में फ्रांस ने मिस्र और कतर के साथ इन विमानों का सौदा किया है। सूत्रों का कहना है कि इन देशों की तुलना में भारत के साथ सौदेबाजी में कीमतें कम नहीं की जा सकती।