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वाम शासित त्रिपुरा के स्कूलों में अनिवार्य हुआ योगा

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स्कूलों में योग को अनिवार्य करने या न करने को लेकर बेशक देशभर में बहस जारी है लेकिन वाममोर्चा शासित राज्य त्रिपुरा इस मामले में अन्य राज्यों के मुकाबले बाजी मारता दिख रहा है। त्रिपुरा की राज्य सरकार ने बुधवार को सभी स्कूलों में योग को अनिवार्य करने के आदेश जारी कर दिए हैं।
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इसी के साथ ही गुजरात के बाद त्रिपुरा ऐसा दूसरा राज्य हो जाएगा जिसके स्कूलों में योग की शिक्षा दी जाएगी। जारी किए गए आदेश के अनुसार एक जनवरी से शुरू होने वाले आगामी सत्र में कक्षा एक से आठवीं तक के स्कूलों में अनिवार्य रूप से योग की पढ़ाई करवाई जाएगी।

राज्य के शिक्षामंत्री तपन चक्रबर्ती ने बताया कि पहले चरण में हम योगा से छात्रों को रूबरू करवाएंगे। इसके लिए राज्यभर के 100 स्कूलों का चयन किया गया है। ये स्कूल शहरी, ग्रामीण और त्रिपुरा के आदिवासी क्षेत्रों (TTAADC) से चुने गए हैं।
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भाजपा ने किया समर्थन, कांग्रेस ने बताया प्रपंच

शिक्षामंत्री ने बताया कि यह निर्णय मुख्यमंत्री मणिक सरकार की अध्यक्षता में हुई मंत्रियों की बैठक में लिया गया। कुछ समय पहले तक शिक्षा विभाग इस मुद्दे को लेकर विभाजित ‌था। चक्रबर्ती ने कहा, हमने इसके बाद निर्णय लिया कि स्कूलों में छात्रों की दिमागी और शारीरिक सेहत सुधारने के लिए योगा शुरू करवाया जाए।

योग से हमारे बच्चे शिक्षित और अनुशासित बन सकते हैं। मंत्री ने बताया कि सरकार स्कूलों में योगा सिखाने के लिए शिक्षकों को योगा का प्रशिक्षण दिलवाएगी। इस संबंध में शिक्षा विभाग, खेल और युवा मामलों का मंत्रालय शिक्षकों की योगा सीखने में मदद करेगा।

वहीं विरोधी कांग्रेस ने राज्य सरकार के इस कदम को एक प्रपंच बताया है। कांग्रेस नेता और नेता विपक्ष सुदीप राय बर्मन के अनुसार यह और कुछ नहीं मुख्यमंत्री मणिक सरकार की प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नजदीक दिखने का प्रयास है। वहीं प्रदेश भाजपा अध्यक्ष सुधीद्र दासगुप्ता ने सरकार के इस कदम का स्वागत किया है।
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