कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री बीएस येदियुरप्पा नई पार्टी के गठन और भाजपा छोड़ने के अपने फैसले पर अडिग हैं। पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व से असंतुष्ट नेता ने मंगलवार को आगे की रणनीति के लिए अपने समर्थकों के साथ बैठक की।
लिंगायत समुदाय के कद्दावर नेता ने बड़ी संख्या में पार्टी विधायकों, सांसदों और एमएलसी के समर्थन का दावा किया है।
अपने आवास पर तीन घंटे तक चली बैठक के बाद येदियुरप्पा नई पार्टी के गठन के फैसले पर अडिग नजर आए।
उन्होंने कहा कि नई पार्टी के गठन का ऐलान 10 दिसंबर को हावेरी में जनसभा के दौरान किया जाएगा। साथ ही कहा कि वह इसके पहले पार्टी और विधानसभा सदस्यता से इस्तीफा दे देंगे। भाजपा नेता ने दावा किया कि बैठक में 60 विधायक, 10-11 सांसद और 18-20 एमएलसी ने शिरकत की। हालांकि उन्होंने कहा कि उनका समर्थन कर रहे विधायक मुख्यमंत्री जगदीश शेट्टर की सरकार को अस्थिर नहीं करेंगे।
जल संसाधन मंत्री बासवराज बोम्मई ने कहा कि बड़ी संख्या में पार्टी के विधायकों, एमएलसी और सांसदों ने येदियुरप्पा के निर्णय का स्वागत किया है। इस बीच येदियुरप्पा ने संकेत दिया है कि एक बार पार्टी का गठन होने के बाद वह जगदीश शेट्टर सरकार को बाहर से समर्थन दे सकते हैं।
हालांकि उन्होंने भाजपा के साथ किसी मेलमिलाप की संभावना को खारिज किया है। बातचीत के दरवाजे बंद करने का संकेत देते हुए येदियुरप्पा ने कहा कि भाजपा महासचिव धर्मेंद्र प्रधान की यात्रा के बारे में कोई जानकारी नहीं है।