टाटा समूह के बाद अब इंफोसिस के संस्थापक नारायणमूर्ति ने भी अरविंद केजरीवाल को राजनीतिक गतिविधियों के लिए अनुदान देने से इनकार किया है। उनका कहना है कि उन्होंने दो माह पहले वित्तीय मदद के केजरीवाल के अनुरोध को अस्वीकार कर दिया था।
मूर्ति 2008 में केजरीवाल के पब्लिक कॉज रिसर्च फाउंडेशन को पांच साल तक 25 लाख रुपए प्रति वर्ष अनुदान देने पर सहमत हुए थे। उन्होंने अपने साथ ही टाटा सोशल वेलफेयर ट्रस्ट को भी इतनी ही राशि को पांच साल तक देने के लिए राजी किया था।
यह अनुदान आरटीआई के बारे में जागरूकता फैलाने के लिए दिया जाना था। इंफोसिस के संस्थापक ने एक बयान में कहा कि सितंबर 2012 में केजरीवाल ने उनसे वित्तीय मदद का आग्रह किया था लेकिन मैंने मना कर दिया था। इसलिए मैंने केजरीवाल की राजनीतिक गतिविधियों के लिए कोई वित्तीय सहायता नहीं की। समाजसेवी अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी मुहिम से अलगाव के बाद केजरीवाल ने भ्रष्ट तंत्र से लड़ने और बदलाव लाने के लिए राजनीतिक पार्टी के गठन का ऐलान किया था।