इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकी यासीन भटकल और असदुल्लाह अख्तर उर्फ हड्डी की सुरक्षा सरकार के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
सूत्रों का मानना है कि यासीन पर उसके आका हमला कर सकते हैं। इसलिए सुरक्षा के मद्देनजर केंद्र सरकार ने सभी जांच एजेंसियों को खुलकर खर्च करने की छूट दे दी है।
यही वजह है कि भटकल और उसके साथी को जगह-जगह चार्टर प्लेन से ले जाया जा रहा है। गृह मंत्रालय का अनुमान है कि भटकल से जुड़ी तहकीकात में दो करोड़ से ज्यादा खर्च हो सकता है।
जांच में जुटी राष्ट्रीय जांच एजेंसी (एनआईए) की टीम इन आतंकियों को दिल्ली से ले जाने के लिए सरकारी या व्यावसायिक चार्टर प्लेन का इस्तेमाल कर रही है।
पिछले हफ्ते इन्हें गोवा और पटना बीएसएफ के एयर विंग के एव्रो जहाज से ले जाया गया। सूत्रों के मुताबिक भटकल और असदुल्लाह एजेंसियों के लिए एक बहुमूल्य शिकार है, इसलिए वह कोई जोखिम नहीं उठाना चाहते।
एक अधिकारी के मुताबिक इन आतंकियों को हवाई सेवा या ट्रेन से यात्रा कराने का मतलब है, जनता की जान को भी जोखिम में डालना।
यह बड़ी वजह है कि यासीन और हड्डी को भीड़ से अलग रखा जा रहा है। दूसरा आतंकियों के बचे मॉड्यूल को भी यासीन की आवाजाही की भनक नहीं लगनी चाहिए।
एनआईए से कहा गया है कि वह यासीन के लिए बीएसएफ के पास मौजूद इंब्रेरर, एव्रो, सुपर किंग जैसे जहाज और चीता, एमआई-17 और ध्रुव जैसे हेलीकॉप्टर कभी भी इस्तेमाल कर सकता है।
आपात स्थिति में वह चार्टर प्लेन का इस्तेमाल भी कर सकता है।