सीबीआई ने केंद्र सरकार को समर्थन दे रहे सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव, बसपा सुप्रीमो मायावती समेत भ्रष्टाचार के हाई प्रोफाइल मामलों की जांच में सुस्ती बरतने के आरोपों से इंकार किया है।
मायावती और मुलायम सिंह के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले दर्ज हैं।
जांच एजेंसी का यह खंडन बीएसएफ के पूर्व डायरेक्टर जनरल प्रकाश सिंह द्वारा सीवीसी से की गई शिकायत के जवाब में आया है। सिंह ने एक एनजीओ की ओर से यह शिकायत की थी।
सीबीआई ने अपने कड़े जवाब में कहा है कि आपके जैसा जानकार शख्स सीबीआई से तथ्यों की जानकारी लेने की जहमत उठाए बगैर जांच एजेंसी के कामकाज के बारे में शंका जता रहा है जबकि बड़ी संख्या में यहां के अधिकारियों से आप परिचित हैं।
जांच एजेंसी ने सवाल किया कि राजनीतिक रूप से संवेदनशील इन मामलों को ही क्यों उठाया गया, जबकि एजेंसी कई और भी ऐसे मामलों की जांच कर रही है जिनमें मीडिया की दिलचस्पी पैदा नहीं हुई पर वे भी उतने ही अहम हैं।
मामले दर मामले गिनाते हुए आरोपों को खारिज करते हुए सीबीआई ने कहा कि कानून के तहत जो जरूरी है, वह किया जा रहा है। एजेंसी ने कहा कि सीबीआई को अपनी संवैधानिक और कानूनी जवाबदेही के बारे में बखूबी पता है।
पत्र में कहा गया है कि एजेंसी तभी आगे बढ़ सकती है जब उसे ऐसे सबूत मिलें जो कानूनी तौर पर मान्य हों।
प्रकाश सिंह ने मायावती और मुलायम सिंह के खिलाफ दर्ज आय से अधिक संपत्ति के मामलों की जांच में सुस्ती बरतने का आरोप सीबीआई पर लगाया था।
सीबीआई निदेशक रंजीत सिन्हा को लिखे पत्र में सिंह ने जांच एजेंसी पर कई मामलों पर अपने कदम वापस खींचने का आरोप लगाया था।