इंडियन मुजाहिदीन के गिरफ्तार आतंकवादी यासीन भटकल ने पूछताछ के दौरान कुबूल किया है कि पाकिस्तानी आकाओं ने ही उसे हैदराबाद में विस्फोट का निर्देश दिया था।
उससे पूछताछ कर रहे पुलिस अधिकारियों से मिली जानकारी के मुताबिक भटकल ने हैदराबाद के नजदीक साइबराबाद के दिलखुशनगर में अलग-अलग जगहों पर बम प्लांट करने के लिए विस्फोटक सप्लाई किए थे।
उसे पाकिस्तान में बैठे अपने आकाओं से साइबराबाद में विस्फोट करने का निर्देश मिला था ताकि विदेशी कंपनियां भारत में अपने कारोबार का विस्तार करने से डरे।
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दिलखुशनगर में इस साल फरवरी में अंजाम दिए गए दो बम विस्फोटों में 17 लोगों की मौत हो गई थी और 100 लोग घायल हो गए थे।
भटकल ने 2010 में पुणे की जर्मन बेकरी में हुए बम विस्फोटों में भी अपना हाथ होना कुबूला है। उसने बेकरी में बम रखा था।
काफी आवाजाही वाली इस बेकरी में 13 फरवरी 2010 को जबरदस्त बम विस्फोट हुआ था और इसमें 17 लोग मारे गए थे। इनमें चार विदेशी थे। विस्फोट से ज्यादा से ज्यादा नुकसान करने का इरादा था। लिहाजा विस्फोटक गैस सिलेंडर के नजदीक रखे गए थे।
पुणे की एक अदालत ने इस विस्फोट में शामिल इंडियन मुजाहिदीन एक और आतंकवादी हिमायत बेग को मौत की सजा सुनाई थी। हालांकि उसके वकील ने इस फैसले के खिलाफ बांबे हाई में अपील की थी।
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पूछताछ में यासीन ने अपने रिश्ते के भाई इकबाल और रियाज भटकल के बारे में भी जानकारी दी और कहा कि अब उनका भारत आना मुश्किल है।
उसने बताया कि इकबाल इस साल की शुरुआत में नेपाल चला गया था। पाकिस्तान के अपने आकाओं से बातचीत करने के लिए वह सेटेलाइट फोन का इस्तेमाल करता है।
यासीन पर 40 बम विस्फोटों को अंजाम देने का आरोप है। भारत-नेपाल सीमा से गिरफ्तार इस आतंकवादी पर 35 लाख रुपए का इनाम था।