सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर युवती के यौन शोषण के आरोप में फंसे उत्तराखंड के अपर सचिव (गृह) जेपी जोशी की मुसीबत बढ़ाते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग ने राज्य के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) को पत्र लिखा है।
पत्र में कहा गया है कि अगर जोशी ने अन्य युवतियों का यौन उत्पीड़न भी किया है तो इस मामले में भी पूरी छानबीन होनी चाहिए।
आयोग ने पुलिस की ओर से उठाए गए कदमों के बारे में पूरी जानकारी भी मांगी है। महिला आयोग की सदस्य चारूवली खन्ना ने बताया कि पुलिस महानिदेशक से मामले से जुड़ी सभी जरूरी रिपोर्ट अगले एक हफ्ते में सौंपने को कहा गया है।
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आयोग ने पीड़ित को सुरक्षा देने की मांग की है। दरअसल यौन उत्पीड़न की शिकार युवती ने हाल ही में महिला आयोग और राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग के समक्ष जोशी और कुछ अन्य अधिकारियों से जान का खतरा होने की आशंका जाहिर की थी।
यह भी कहा गया था कि मामला सार्वजनिक होने के बाद अब पीड़ित की गतिविधियों में व्यवधान डाला जा सकता है। इसलिए आयोग ने मामले को संज्ञान में लेते हुए युवती की सुरक्षा की मांग की है। हालांकि इस मामले में युवती ने फिलहाल चुप्पी साध रखी है।
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मामला तूल पकड़ने के बाद पीड़ित का मोबाइल फोन लगातार बंद है। पीड़ित ने पिछले हफ्ते कड़कड़डूमा मजिस्ट्रेट के समक्ष धारा 164 के तहत बयान दर्ज कराया था। महिला ने अपने बयानों में उन सभी आरोपों की पुष्टि की थी, जो उसने बतौर शिकायत एफआईआर में लगाए थे।