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संसद में दाऊद का पता बताने से क्यूं बचती है सरकार

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संसद में दिए गए अंडरवर्ल्ड डॉन दाऊद इब्राहिम के पते-ठिकाने से संबंधित लिखित जवाब को गृहमंत्रालय अफसरशाही की भूल मान रहा है। लेकिन खुफिया एजेंसियों का मानना है कि गृहमंत्रालय की यह दलील भ्रामक है।
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एजेंसियों ने सरकार को दाऊद के पाकिस्तान के कम से कम तीन पते दे रखे हैं। इनमें पहला है मोईन पैलेस, दूसरी मंजिल, अबदुल्ला शाह गाजी दरगाह, क्लिफ्टन, कराची, दूसरा पता है 6/ए, ख्याबन तंजीम, फेज-5, डिफेंस हाउसिंग एरिया, कराची और तीसरा पता है पी-6/2, गली नंबर- 22, मकान नंबर- 29, मरगाल्ला रोड, इस्लामाबाद।

एजेंसियों के मुताबिक दाऊद का धंधा और उसके ऊंचे संबंधों के चलते भारत और पाकिस्तान तो क्या अमेरिका भी कोई अंतिम फैसला नहीं ले पा रहा है।

लादेन की खोज में दाऊद की कंपनी का इस्तेमाल

गौरतलब है कि अमेरिका ने पाकिस्तान, अफगानिस्तान और सोवियत यूनियन से अलग हुए कजाकिस्तान व तुर्कमेनिस्तान जैसे देशों में अंतरराष्ट्रीय आतंकवादी बिन लादेन की खोज में दाऊद की परिवहन कंपनी का लंबे समय तक इस्तेमाल किया है।

खुफिया एजेंसी आईबी और रॉ के पाकिस्तान डेस्क से संबंधित अधिकारियों के मुताबिक राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजीत डोभाल अपने आईबी प्रमुख कार्यकाल के दौरान दाऊद के काफी नजदीक पहुंच गए थे।

सूत्रों के मुताबिक पूरी योजना को बड़े ही सटीक तरीके से मीडिया में लीक कर दिया गया। डोभाल की पूरी योजना धरी की धरी रह गई। हालांकि गृहमंत्रालय सरकार के पास दाऊद का पता-ठिकाना नहीं होने के जवाब के डैमेज कंट्रोल में जुटा गया है।
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राजनाथ सिंह नहीं पेश कर पाए अपनी सफाई

विपक्ष की मांग के बावजूद गृहमंत्री राजनाथ सिंह दूसरे दिन भी संसद में जवाब संबंधी अपनी सफाई नहीं पेश कर पाए। गृहमंत्रालय सूत्रों के मुताबिक यूपीए कार्यकाल के दौरान ऐसा ही जवाब संसद को दिया गया था।

इस बार भी संबंधित अधिकारी ने वही पुराना जवाब भेज दिया। लेकिन खुफिया एजेंसियों को यह दलील रास नहीं आ रही है। खुफिया अधिकारियों के मुताबिक सरकार संसद के बाहर दाऊद इब्राहिम के ठिकानों के बारे में बड़ी-बड़ी बातें करती हैं।

लेकिन संसद के दोनों सदनों में दाऊद के ठिकाने के बारे में पूछे गए सवाल पर वही सरकार बैकफुट पर आ जाती है। पाक मामलों से संबंधित उच्चपदस्थ अधिकारी ने अमर उजाला को बताया कि दाऊद शायद ही कभी खुफिया एजेंसियों की नजर ओझल हो पाता है। एजेंसियों को हमेशा दाऊद के ठिकानों के बारे में खबर रहती है। लेकिन सरकार के शीर्ष स्तर पर उसे लेकर कोई साफ निर्देश कभी नहीं मिला है।
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