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सरगर्मी तेज, कौन होगा भाजपा का अगला अध्यक्ष?

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भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष को लेकर निर्णय मकर संक्रांति के बाद ही होगा। बताया जा रहा है कि खरमास के बाद ही पार्टी का संगठन चुनाव रफ्तार पकड़ेगा।
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सूत्र बताते हैं कि तमाम प्रदेशों ने पार्टी आलाकमान से खरमास (पौष महीना) के बाद अध्यक्ष के एलान की गुजारिश की है। यही वजह है कि लगभग आधे दर्जन राज्यों में जिला स्तर के चुनाव संपन्न होने के बाद भी संगठन चुनाव की प्रक्रिया शुरू नहीं हो पाई है।

संगठन चुनाव के धीमे रफ्तार पर पार्टी के एक राष्ट्रीय महामंत्री का कहना है कि 14 जनवरी को खरमास खत्म होने के बाद प्रदेश के संगठन चुनावों में तेजी आएगी। उक्त महासचिव ने बताया कि प्रदेशों के चुनाव संपन्न होने के बाद पार्टी संसदीय बोर्ड की बैठक में राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर फैसला होगा।
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उम्मीद जताई जा रही है कि जनवरी के तीसरे सप्ताह तक राष्ट्रीय अध्यक्ष पद पर चुनाव की प्रक्रिया संपन्न करा ली जाएगी। वर्तमान अध्यक्ष अमित शाह का कार्यकाल 23 जनवरी तक है।
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मकर संक्रांति के बाद होगा शाह की फिर ताजपोशी पर निर्णय

शाह के दुबारा पदासीन होने को लेकर अटकलें जोरों पर हैं। मगर सूत्रों के अनुसार उनकी पारी को लेकर अंतिम निर्णय मकर संक्रांति के बाद होगा। बताया जा रहा है कि शाह को अगला कार्यकाल देने या हटाने को लेकर संघ और सरकार के शीर्ष स्तर पर अब तक कोई चर्चा नहीं हुई है।

इस बीच जनवरी 6 से 8 के बीच महाराष्ट्र के जलगांव में आयोजित होने वाली संघ के शीर्ष 20 अधिकारियों की बैठक को इस मामले में अहम माना जा रहा है। समन्वय बैठक में इस मामले को छेड़कर संघ मामले को ज्यादा तूल देने के मूड़ में नहीं है।

बताया जा रहा है कि भाजपा के अगले अध्यक्ष को लेकर संघ ने भी अपनी ओर से कोई स्थिति स्पष्ट नहीं की है। इस मामले में वह प्रधानमंत्री की राय को ही तवज्जो देने के पक्ष में है।

आधे से ज्यादा राज्यों में संगठन के चुनाव संपन्न करवाने आवश्यक
भाजपा संविधान के तहत पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव संपन्न कराने से पहले आधे से ज्यादा राज्यों में संगठन के चुनाव संपन्न करवाने आवश्यक हैं। इसलिए राष्ट्रीय अध्यक्ष के चुनाव संपन्न करवाने से पहले पार्टी को राज्यों के संगठन चुनाव संपन्न करवाने होंगे।

अब तक महज राजस्थान के चुनाव ही पूरी तरह संपन्न हो सके हैं। पार्टी ने केरल और पश्चिम बंगाल के अध्यक्षों की हाल ही में नियुक्ति की है। मगर ये अध्यक्ष राष्ट्रीय अध्यक्ष की चुनाव प्रक्रिया से अलग माने जाएंगे।
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