सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में गठित दिल्ली पुलिस की एसआईटी करीब पांच दर्जन लोगों से पूछताछ करेगी, इसमें पूर्व केंद्रीय मंत्री व सुनंदा के पति शशि थरूर भी शामिल होंगे।
सूत्रों के अनुसार इस मामले में जांच कर चुके एसडीएम ने करीब चार दर्जन से अधिक लोगों से पूछताछ कर अपनी रिपोर्ट तैयार की थी। इस मामले में पुलिस सबसे पहले थरूर के स्टाफ से पूछताछ करने की तैयारी में है।
पूछताछ के लिए लोगों की सूची तैयार किया जा रहा है। जांच की तह तक जाने के प्रयास के तहत ही एसआईटी ने पूछताछ करने वालों लोगों की संख्या में इजाफा किया है।
दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार जिस दिन सुनंदा पुष्कर की लीला होटल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हुई थी उस दिन होटल में एक बड़ी कंपनी का सीईओ ठहरा हुआ था।
थरूर से पूछताछ की तैयारी
बताया जा रहा है कि इस मामले में होटल स्टाफ, डॉक्टर, थरूर के स्टाफ, स्वयं शशि थरूर, उस दिन होटल के कमरा नंबर 345 के आसपास के कमरों में रुके लोगों, मामले की जांच से जुड़े अधिकारियों सहित अन्य करीब 50 से अधिक लोगों से पूछताछ करने की तैयारी है।
दिल्ली पुलिस अधिकारियों के अनुसार सीईओ के अलावा उस दिन होटल में ठहरे अन्य लोगों को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों के अनुसार लीला होटल में कुल करीब 230 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे।
सुनंदा कमरा नंबर 345 में शशि थरूर केसाथ ठहरी हुई थी। इस तीसरे फ्लोर केबरामदे में कुल 10 सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे। पुलिस ने सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को जब्त कर लिया है। पुलिस इन फुटेज को बहुत ही बारीकी से जांच कर रही है।
थरूर के आरोप से पुलिस कर रही है इनकार
इस मामले में शशि थरूर की नवंबर 2014 को भेजी शिकायत को पुलिस ने झूठा बताया है। पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि इस मामले में उन्होंने संबंधित अधिकारियों से पूछा था, लेकिन उन्होंने कहा कि ऐसी कोई बात नहीं हुई थी। आयुक्त के अनुसार इसके बाद उन्होंने थरूर की मेल का कोई जवाब नहीं भेजा।
गौरतलब है कि पूर्व केंद्रीय मंत्री व सुनंदा के पति शशि थरूर ने नवंबर में पुलिस आयुक्त को मेल कर शिकायत की थी कि उसके कर्मचारी नारायण सिंह से दिल्ली पुलिस ने मारपीट की और दबाव बनाया कि वह यह बयान दे कि यह हत्या उन्होंने कराई है। बस्सी ने बृहस्पतिवार को मीडिया के सामने शिकायती ई मेल की पुष्टि करते हुए कहा कि थरूर का आरोप बेबुनियाद है।
पुलिस आयुक्त बीएस बस्सी ने कहा कि सुनंदा पुष्कर हत्या मामले में अभी तक शशि थरूर को कोई नोटिस या समन नहीं भेजा गया है। दरअसल, मीडिया में इस तरह की खबरें चलने पर पुलिस आयुक्त को बयान देना पड़ा। उन्होंने फिर दोहराया कि एसआईटी जिस भी व्यक्ति से इस केस के मामले में पूछताछ करना चाहेगी तो वह करेगी।
ये बात भी है संदेह के घेरे में
होटल के कमरे में सुनंदा पुष्कर के मृत पड़े होने की सूचना 100 नंबर पर नहीं दी गई थी। शशि थरूर के पीएस अभिनव कुमार ने सरोजनी नगर थानाध्यक्ष को फोन कर सुनंदा के होटल के कमरे में मृत मिलने की सूचना दी थी।
एफआईआर की शुरुआत में कहा गया है कि सरोजनी नगर थानाध्यक्ष अतुल सूद (तत्कालीन) को फोन से सूचना मिली थी कि होटल के कमरा नंबर 345 में केंद्रीय मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा मृत पड़ी हुई है।
इसके बाद थाने में डीडी इंट्री 33ए दर्ज की गई। सुनंदा व शशि थरूर की शादी को सात वर्ष नहीं हुए थे अत: मामले की जांच के लिए एसडीएम वसंत विहार आलोक कुमार को मौके पर बुलाया गया था।
हर रिपोर्ट में लिखी है जहर की बात
सुनंदा पुष्कर की हत्या मामले में पुलिस ने जो एफआईआर दर्ज की है, उसमें हर रिपोर्ट में मौत का कारण जहर बताया गया है। एम्स के मेडिकल बोर्ड ने जो अंतिम रिपोर्ट दी है उसमें एक नई बात यह कही गई है कि सुनंदा को इंजेक्शन से भी जहर देने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता।
एफआईआर के अनुसार एम्स के फोरेंसिक विभाग के तीन डॉक्टरों के बोर्ड ने 18 जनवरी 2014 को सुनंदा के शव का पोस्टमार्टम किया था। पोस्टमार्टम के बाद ही डॉक्टरों ने बता दिया था कि जहर से सुनंदा की मौत हुई है।
20 जनवरी को पोस्टमार्टम रिपोर्ट एसडीएम वसंत विहार को आगे की जांच के लिए दी गई। इसके बाद विसरा, सुनंदा के कपड़े और कमरे से मिली दवाइयों को फोरेंसिक जांच के लिए 20 जनवरी 2014 को सीएफएसआई, सीबीआई भेजा गया।
विसरा को भेजने की प्रक्रिया शुरू की गई
पूर्व विदेश मंत्री शशि थरूर की पत्नी सुनंदा पुष्कर को कौन सा जहर दिया गया था, इसका पता लगाने के लिए विसरा को एफबीआई, अमेरिका भेजा जाएगा। दिल्ली पुलिस ने विसरा को भेजने के लिए प्रक्रिया तेजी से शुरू कर दी है।
दक्षिण जिले के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि विसरा को जल्द ही भेज दिया जाएगा। माना जा रहा है कि एक सप्ताह में विसरा को विदेश भेज दिया जाएगा। दिल्ली पुलिस सीबीआई केजरिए विसरा को विदेश भेजेगी।
दिल्ली पुलिस का इंस्पेक्टर स्तर का पुलिस अफसर विसरा को लेकर विदेश जाएगा। दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि वैसे इस बात की कोशिश की जा रही है कि जहर का प्रकार व मात्रा इंडिया में ही पता लग जाए।
अगर जहर का पता नहीं लगा तो उसके बाद विदेश भेजा जाएगा। दिल्ली पुलिस आयुक्त भीमसेन बस्सी भी इस बात को कह चुके हैं कि जहर का प्रकृति व मात्रा का पता करने के लिए विसरा को विदेश भेजा जाएगा।
भारत में जांच संभव नहीं
पुलिस आयुक्त ने ये भी कहा है कि जहर का पता करना भारत में संभव नहीं है। दूसरी तरफ दिल्ली पुलिस में ही ये चर्चा शुरू हो गई है कि सुनंदा पुष्कर की हत्या का मामला हाईप्रोफाइल है। ऐसे में दक्षिण जिला पुलिस से मामले की तफ्तीश ली सकती है।
ये कयास लगाए जा रहे हैं कि दक्षिण जिला पुलिस से तफ्तीश लेकर या तो सीबीआई या फिर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को दी जा सकती है। गौरतलब है कि एक बार सुनंदा पुष्कर मामले की जांच दक्षिण जिला पुलिस से लेकर दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच को दे दी गई थी, मगर अगले दिन ही जांच को वापस दक्षिण जिला पुलिस को दे दिया गया था।
बिसरा की रिपोर्ट 10 मार्च को पुलिस को मिली। इस रिपोर्ट को मेडिकल बोर्ड के पास 29 मार्च को भेजा गया। 17 मार्च को रोहिणी स्थित एफएसएस अन्य नमूनों को भेजा गया।
25 अगस्त को एफएसएल, रोहिणी की रिपोर्ट मिली। इन रिपोर्ट को भी 28 अगस्त को मेडिकल बोर्ड के पास भेजा गया। पुलिस को मेडिकल बोर्ड से 27 सितंबर को रिपोर्ट मिली। इस रिपोर्ट में सुनंदा की मौत का कारण जहर बताया गया था।
मेडिकल बोर्ड ने 29 दिसंबर को पुलिस को फाइनल रिपोर्ट दी। इस रिपोर्ट में कहा गया कि सुनंदा मौत से पहले पूरी तरह फिट व तंदुरुस्त थीं। इस रिपोर्ट में कहा गया कि सुनंदा की मौत अप्राकृतिक है और जहर से मौत हुई है।
सरोजनी नगर थानाध्यक्ष बने हैं शिकायतकर्ता
पुलिस ने हत्या मामले की जो एफआईआर दर्ज की है उसमें शिकायतकर्ता सरोजनी नगर थानाध्यक्ष वीकेपीएस यादव बने हैं। दक्षिण जिला पुलिस अधिकारियों का कहना है कि परिस्थितिजन्य साक्ष्य आने के बाद पुलिस ही शिकायतकर्ता बनती है।