आम चुनाव की तैयारियों में जुटी भाजपा में प्रधानमंत्री पद को लेकर किस कदर दीवानगी है, यह उसके नेता कई बार अपनी हरकतों और बयानों से जाहिर कर चुके हैं।
मंगलवार को लोकसभा में ऐसा गजब हुआ कि सदन में विपक्ष की नेता सुषमा स्वराज पल भर के लिए सही, लेकिन बाकी सभी नेताओं को पीछे छोड़ते हुए प्रधानमंत्री बन गईं।
दरअसल, हुआ यह है कि सुषमा प्रधानमंत्री के करीब बैठने वाले गृह मंत्री सुशील कुमार शिंदे का हालचाल लेने सत्ता पक्ष की कुर्सियों की ओर गईं और उनकी तबीयत के बारे में पूछते-पूछते उनके करीब बैठ गईं।
दिलचस्प यह है कि जिस जगह वह बैठीं, वह किसी और नहीं, बल्कि प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह की थी।
हालांकि, ऐसी परंपरा रही है कि प्रधानमंत्री की खाली कुर्सी पर भी कभी भी कोई नहीं बैठता।
अब राजनीतिक गलियारों में बीजेपी की इस सीनियर नेता की इस गलती के कई मायने निकाले जा रहे हैं। सवाल यह भी क्या सुषमा जल्दबाजी़ में तो नहीं थीं।