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...और जब हुड्डा भी बोले मोदी की भाषा

Wed, 06 Nov 2013 12:46 AM IST
अमर उजाला, दिल्ली
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भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी की भाषा को कांग्रेस भले ही कोरी बयानबाजी बता रही है, लेकिन लगता है कि हरियाणा के मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा उनका अनुसरण करने लगे हैं।
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मंगलवार को पंचायती राज सम्मेलन के दौरान हुड्डा ने कहा कि उन्होंने कभी भी अपने को मुख्यमंत्री नहीं माना बल्कि वे जनता के सेवक बनकर राज्य की बागडोर संभाल रहे हैं।

उन्होंने कहा, ‘वर्ष 2005 में मुख्यमंत्री की शपथ लेने के बाद ही यह बात कही थी कि संविधान की दृष्टि से बेशक मैं मुख्यमंत्री हूं। लेकिन मैं हमेशा जनता के सेवक के रूप में ही काम करूंगा।’
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कांग्रेसी सरपंचों और पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों की सभा में हुड्डा ने कहा कि विपक्षी पार्टियां अपनी ताकत दिखाने के लिए जगह-जगह रैलियां कर रही हैं। कोई पार्टी कहती है, भ्रष्टाचार को खत्म करना है, कोई कहती है गुंडागर्दी को खत्म करना है। कोई उनसे पूछे कि भ्रष्टाचार के जनक कौन है।

उन्होंने कहा कि हम बदले की राजनीति में विश्वास नहीं रखते। गठबंधन की राजनीति पर हुड्डा ने कहा कि असली गठबंधन तो विकास के लिए होना चाहिए। प्रदेश सरकार ने पंचायतों को अधिकार दे कर मजबूत बनाया है। गांव का विकास चुनी हुई पंचायत को करना चाहिए। पिछली सरकार को गांवों पर भरोसा नहीं था और उसने गांवों के विकास के बारे में नहीं सोचा।

हुड्डा ने कहा कि पिछली सरकार ने तो सिर्फ अपने विकास के बारे में सोचा। उनके समय में वृद्धावस्था पेंशन 200 रुपये थी। जिसे मौजूदा सरकार ने बढ़ाकर 500 रुपये और फिर 700 रुपये किया। सरकार ने किसानों के कर्जे माफ किये और उनकी जमीन तथा उपज के अच्छे दाम दिलवाये।
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