अयोध्या की विवादित ज़मीन का मुक़दमा 1949 से चल रहा है। हाशिम अंसारी कहते हैं कि इसका फ़ैसला न्यायालय को जल्द करना चाहिए और जो विवादित भूमि है, वह पूरी की पूरी किसी एक पक्ष को दे देनी चाहिए।
अयोध्या के हाशिम अंसारी विवादित भूमि के मालिक़ाना हक़ का मुकदमा लड़ते-लड़ते 92 साल के हो चुके हैं। वीएचपी की ज़मीन हासिल करने की कोशिश के बारे में पूछे जाने पर अंसारी कहते हैं, "हमें शांति चाहिए देश में। ले जाओ बाबरी मस्जिद। हमें बाबरी मस्जिद नहीं, हमें शांति चाहिए।"
शकील अख़्तर की रिपोर्ट का दूसरा हिस्सा
विश्व हिंदू परिषद ने केंद्र सरकार से मांग की है कि वह अविलंब एक अध्यादेश जारी कर अयोध्या की विवादित भूमि को राम जन्म भूमि मंदिर के हवाले कर दे। मौलाना वहीदुद्दीन ख़ान जाने माने इस्लामी विद्वान और धार्मिक नेता हैं। उनका शुरू से यह मत रहा है कि मुसलमानों को बाबरी मस्जिद कहीं और बनाकर इस विवाद को हमेशा के लिए ख़त्म कर देना चाहिए।
वे कहते हैं, "यह मस्जिद और मदरसे वाले लोग आज के दौर को समझते नहीं हैं, वरना यह मसला कब का हल हो गया होता। अरब देशों में इस तरह के विवादों को रिलोकेशन के ज़रिए तो कब का हल कर लिया गया होता।"