बिहार में एनडीए भंग होने के एक रोज बाद सोमवार को जनता दल यू के अध्यक्ष शरद यादव ने एक बार फिर अपनी टोन बदली।
यादव ने कहा कि अगर भाजपा एक बार फिर लालकृष्ण आडवाणी को अपने शीर्ष नेता के रूप में स्थापित करती है, तो उनकी पार्टी फिर उससे हाथ मिलाने के बारे में सोच सकती है।
लेकिन भाजपा के बिहार प्रभारी धमेंद्र प्रधान ने यह कहकर सारी संभावनाओं पर विराम लगा दिया कि जद यू के दोबारा एनडीए में लौटने पर अब कोई विचार नहीं हो सकता।
प्रधान भाजपा के वरिष्ठ नेता रविशंकर प्रसाद, राजीव प्रताव रूडी और शाहनवाज हुसैन के साथ पटना में मौजूद थे। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के भाजपा के 11 मंत्रियों को बर्खास्त करने के बाद भाजपा नेतृत्व ने सोमवार को उन्हें वहां आगे की रणनीति तैयार करने के लिए भेजा।
वे मंगलवार को भी वहीं रहेंगे, क्योंकि भाजपा ने इस दिन विश्वासघात दिवस का एलान करते हुए बिहार बंद का आयोजन किया है।
प्रधान ने कहा, 'हमें शरद यादव से किसी सर्टिफिकेट की जरूरत नहीं है। आडवाणीजी हमारे शीर्ष नेता हैं। शरद को भाजपा के आंतरिक मामलों में कोई सलाह-मशविरा नहीं देना चाहिए।'