रेल टिकटों की मारमारी के बीच वेटिंग टिकट को कन्फर्म कराने का बड़ा खुलासा हुआ है। इसके एवज में रेलवे के कर्मचारी मोटी कमाई कर रहे हैं।
टिकट मोडिफिकेशन के नाम पर चलने वाले इस खेल के खुलासे के बाद खलबली मची हुई । छह दागी कर्मचारियों को चार्जशीट दी गई है।
कुछ कर्मियों को मेजर पनिशमेंट और कुछ के स्थानांतरण की संस्तुति की गई है। साथ ही मंडल भर से मोडिफाई किए गए टिकटों का ब्योरा मांगा गया है।
मोटा कमीशन वसूला
यात्रियों की सुविधा के लिए रेलवे की ओर से टिकट मोडिफिकेशन की व्यवस्था की गई है। मोडिफिकेशन विशेष परिस्थिति में ही किया जाता है, लेकिन टाउट्स से मिली भगत कर ईआरसी इसका दुरुपयोग कर रहे हैं।
वेटिंग की टिकटों को कन्फर्म कराने के लिए मोटा कमीशन वसूला जा रहा है। पिछले कुछ महीनों में टिकट मोडिफिकेशन ज्यादा होने से अधिकारियों का माथा ठनका। जांच कराई गई तो चौंकाने वाली बात समाने आई।
पता चला की कई जगहों पर हर रोज टिकट मोडीफाई किए जा रहे हैं। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर हापुड़, खुर्जा, बुलंदशहर सहित कई स्टेशनों पर छह ईआरसी को चार्जशीट दी गई है। कुछ को एसएफ-11 देकर मेजर पनिशमेंट दिया गया।
मनोज कुमार शर्मा, सीनियर डीसीएम नियमों के मुताबिक विपरीत इस व्यवस्था का दुरुपयोग किया गया। जिसके चलते छह ईआरसी के खिलाफ कार्रवाई की गई। शेष की जांच कराई जा रही है। दोषी पाए जाने पर कार्रवाई होगी।
क्या है टिकट मोडिफिकेशन
रेलवे की आरक्षण व्यवस्था में रिजर्वेशन काउंटर खुलने के साथ पहले कुछ मिनट के लिए सीटें सुरक्षित रख ली जाती हैं। उस समय कटने वाली टिकट कन्फर्म होती है। इस दौरान एक ईआरसी अधिकतम दो या तीन टिकट बना पाता है।
कुछ यात्री जिनके पास यात्रा वाले दिन का रिजर्वेशन नहीं होता, उस दिन यात्रा करने के बजाय अगले दिन यात्रा करते हैं तो उनके लिए स्पेशल कैंसिलेशन की सुविधा मिलती है। वे टिकट कैंसिल कराकर अगले दिन का रिजर्वेशन करा सकते हैं।
बस यहीं से खेल शुरू हो जाता है। दलाल कन्फर्म टिकट दिलाने के नाम पर जिस दिन यात्रा करनी होती है, उससे एक दिन पहले का वेटिंग टिकट ले लेते हैं। फिर स्पेशल कैंसिलेशन से अगले दिन रिजर्वेशन कराते हैं। पहले कुछ मिनटों में ईआरसी पुराने पीएनआर को अपडेट करता है। जिससे टिकट कंफर्म मिल जाता है।
ऐसे पकड़ में आया मामला
पहले कुछ मिनटों में एक ईआरसी अधिकतम तीन रिजर्वेशन कर पाता है। लेकिन टिकट मोडिफिकेशन करने वाला ईआरसी औसतन 15 से 18 पीएनआर अपडेट कर रहा था। तीन चार मिनट में इतने पीएनआर अपडेट होने से इस गोरखधंधे का खुलासा हुआ।