प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तालिबान आतंकियों के निशाने पर हैं। तालिबानी आतंकी समूह तहरीक-ए-तालिबान-पाकिस्तान-जमात-अहरार (टीटीपी-जेए) ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी दी है।
टीटीपी-जेए ने ही वाघा बॉर्डर पर हुए आत्मघाती हमले की जिम्मेदारी ली है। रविवार को हुए उस धमाके में 60 से अधिक लोगों की मौत हो गई थी।
तालिबानी आतंकी समूह के प्रवक्ता अहसानुल्लाह अहसान ने ट्विटर पर एक संदेश दिया है, जिसमे कहा गया है कि आप (मोदी) ने सैकड़ों मुस्लिमों की हत्या की है। हम कश्मीर और गुजरात के निर्दोष मुसलमानों का बदला लेंगे। तालिबान की धमकी के बाद भारतीय खुफिया एजेंसियां चौकन्नी हो गई हैं।
भारत में हमले की कोशिश में तालिबान
पाकिस्तान के उत्तर-पश्चिमी हिस्से में सक्रिय जिहादी संगठन लंबे समय से भारत में हमले की कोशिश में हैं। खुफिया एजेसियां प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को इस बारे में सूचित कर चुकी है।
पाकिस्तानी तालिबानी आतंकियों को भारत मे सक्रिय आतंकी संगठनों का सहयोग भी मिल रहा है। इंडियन मुजाहिदीन की एक शाखा, जिसका नेतृत्व पाकिस्तानी शहर करांची में रह रहा रियाज शाहबांद्री और मोहम्मद अहमद जरार सिद्दीबापा कर रहा है, का अल-कायदा में विलय भी हो चुका है।
खुफिया एजेंसियों का कहना है कि इंडियन मुजाहिदीन की एक अन्य शाखा अन्सार-उल-तवाहिद भी टीटीपी-जेए के शिविरों में प्रशिक्षण दे रहा है।
सितंबर में टीटीपी-जेए की स्थापना
पाकिस्तान के उत्तर पश्चिमी हिस्से में तालिबान के कई धड़े आतंकी कार्रवाईयों में लिप्त रहे हैं। हालांकि पिछले कुछ समय से कई संगठन पाकिस्तान सरकार से शांति-वार्ता भी कर रहे हैं।
ऐसे तालिबानी संगठन, जिन्हें भारतीय आतंकी संगठनों को सहयोग प्राप्त है, वे अब भी बातचीत से दूर हैं और आतंकी गतिविधियों में अधिक सक्रिय हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को धमकी देने वाले संगठन टीटीपी-जेए का नेतृत्व मौलाना कासिम के हाथ में है।
इसने सितंबर में संगठन की स्थापना की थी। कासिम ने ही तहरीक-ए-तालिबान और पाकिस्तान सरकार के बीच बातचीत का विरोध किया था।