वीवीआईपी हेलीकॉप्टरों के सौदे में घूस की जांच के सिलसिले में सीबीआई के दल को इटली में कुछ ठोस भले ही हाथ न लगा हो, लेकिन वह कुछ उम्मीदें लेकर जरूर लौटा है।
मिलान में इटली के अधिकारियों ने सीबीआई को कुछ प्राथमिक दस्तावेज उपलब्ध कराए हैं, जिनके आधार पर एजेंसी अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर प्रारंभिक जांच शुरू कर सकती है।
इटली ने भरोसा दिया है कि एक बार उसके यहां मामले की अदालती जांच पूरी हो जाए तो वह और भी कागजात सौंपेगा। उल्लेखनीय है कि 3600 करोड़ रुपये के 12 अगस्ता वेस्टलैंड हेलीकॉप्टरों के सौदे में कथित 362 करोड़ रुपये की घूस दिए जाने का मामला इटली और भारत में सुर्खियां बना हुआ है।
सीबीआई ने इटली में दो कानूनी फर्मों श्योमेंटी और ग्रिप्पो की मदद ली है, जिससे दस्तावेज हासिल करने की राह में आने वाली कानूनी अड़चनों को दूर किया जा सके।
सीबीआई के उच्च स्तरीय सूत्रों के मुताबिक एजेंसी के पास इतने दस्तावेज आ गए हैं कि एक-दो दिनों में मामला दर्ज कर जांच शुरू हो सके। वैसे सूत्रों ने यह बताने से इंकार किया कि किस तरह के दस्तावेज इटली ने सौंपे हैं। सूत्रों के अनुसार सीबीआई का एक अधिकारी अब भी मिलान में है। वह कुछ और दस्तावेजों के साथ सोमवार को आएगा।
सीबीआई को इटली सरकार समेत सौदा करने वाली फिनमेकानिका और उसकी सहयोगी अगस्ता वेस्टलैंड कंपनी से भी मदद की आस है।
एजेंसी ने इटली सरकार से सौदे के वे सारे कागजात मांगे हैं, जिनमें भारतीयों को घूस दिए जाने के प्रमाण हैं। माना जा रहा है कि इस सप्ताह इटली में आम चुनाव खत्म हो जाने के बाद वहां की सरकार ज्यादा मदद कर सकती है।