‘सूर्य नमस्कार का संबंध किसी धर्म से नहीं है। यह एक यौगिक क्रिया है। भारतीय योग में 12 प्रकार से सूर्य नमस्कार की क्रिया की जाती है। इससे शक्ति मिलती है और शरीर निरोगी रहता है। कुछ लोगों ने सूर्य नमस्कार पर विरोध जताया था। इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने का प्रयास किया जा रहा था। भारत की यह बड़ी उपलब्धि कहीं राजनीति का शिकार न हो जाए, इसलिए ही सूर्य नमस्कार को योग से हटा दिया गया। यह कोई डिप्लोमेटिक फैसला नहीं है। सिर्फ विवाद से बचने के लिए ऐसा किया गया।’ यह कहना है गाजियाबाद के सांसद और केंद्रीय विदेश राज्यमंत्री वीके सिंह का। अपने राजनगर स्थित आवास पर हुई एक विशेष बातचीत के दौरान उन्होंने यह बात कही।
वीके सिंह का कहना था कि सूर्य नमस्कार सूर्य की पूजा नहीं है। शरीर को निरोगी और प्रत्येक अंग को क्रियाशील बनाने के लिए इस योग को किया जाता है। इसका वैज्ञानिक आधार भी है। सूर्योदय के समय किए जाने वाले इस योग से आंखों की रोशनी भी बढ़ती है। अब जागरूकता अभियान के माध्यम से लोगों को समझाने का प्रयास किया जाएगा।