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विहिप ने किया माया कोडनानी की फांसी का विरोध

Thu, 18 Apr 2013 12:49 PM IST
अहमदाबाद/एजेंसी
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माया कोडनानी के लिए फांसी की अपील करने का फैसला कर चुकी गुजरात की नरेंद्र मोदी सरकार के खिलाफ विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने आवाज उठानी शुरू कर दी है।
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गुजरात विहिप के महासचिव रणछोड़ भरवाड़ ने कहा कि नरोदा मामले में माया कोडनानी, बाबू बजरंगी समेत अन्य हिंदुओं के लिए फांसी की अपील का विहिप कड़ा विरोध करती है।

चौंकाने वाला फैसला बताते हुए उन्होंने कहा कि वह अपना फैसला वापस लेने के लिए मुख्यमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिख चुके हैं। 

गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी सरकार ने 2002 नरोदा पाटिया नरसंहार मामले में दोषी पाई गई अपनी ही पार्टी की पूर्व मंत्री माया कोडनानी व बजरंग दल के बाबू बजरंगी समेत सभी दोषियों को मौत की सजा दिलाने की अपील करने का फैसला किया है।
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राज्य सरकार जल्द ही विशेष कोर्ट के फैसले के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील करेगी।

बुधवार को सहायक सरकारी वकील गौरांग व्यास ने बताया, ‘कानून विभाग ने तीन वकीलों का पैनल गठित किया है, जिन्हें हाईकोर्ट में कोडनानी और बजरंगी समेत सभी 10 दोषियों के के लिए फांसी की सजा दिलाने की अपील तैयार करने को कहा गया है।’

सरकार सजा सुनाए जाने के सात महीने बाद सजा के खिलाफ अपील कर रही है जबकि निचली अदालत के फैसले को चुनौती देने के लिए तीन महीने का समय दिया जाता है।

देरी होने की वजह से ही राज्य सरकार को अपील करने से पहले अब हाईकोर्ट से अनुमति लेनी होगी।

पैनल में व्यास के अलावा वरिष्ठ वकील प्रशांत देसाई और अल्पेश कोगजे भी शामिल हैं। राज्य सरकार ने विशेष अदालत द्वारा 29 आरोपियों को रिहा किये जाने के फैसले के खिलाफ भी अपील करने का निर्णय लिया है।

एक विशेष अदालत ने कोडनानी, बाबू बजरंगी और अन्य आठ लोगों को गत वर्ष अगस्त में उम्रकैद और 22 अन्य आरोपियों को 24 साल की कैद की सजा सुनाई थी।

27 फरवरी 2002 में साबरमती एक्सप्रेस में लगी आग के बाद गुजरात में भड़के दंगे में 97 लोग मारे गए थे।

कोडनानी ने की सजा के निलंबन की मांग

नरोदा पाटिया दंगों में उम्र कैद की सजा पाने वाली गुजरात की पूर्व मंत्री माया कोडनानी ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर उनकी अपील पर फैसला होने तक सजा के निलंबन की मांग की है।

उनकी ओर से याचिका दायर करने वाले एडवोकेट हार्दिक दवे ने कहा कि अपील पर सुनवाई में अभी लंबा समय लग सकता है, इसलिए तब तक सजा को निलंबित कर देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट में कोडनानी ने पांच महीने पहले याचिका दाखिल की थी, लेकिन अभी तक इस पर सुनवाई शुरू नहीं हो सकी है। अभियोजन पक्ष को अपनी अपील दाखिल करना अभी बाकी है और सुनवाई पूरी होने में लंबा समय लग सकता है।
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यहां तक इस मुकदमे को भी पूरा होने में 10 साल लगे। याचिका में यह भी दावा किया गया है कि उनके देश छोड़ने की आशंका भी नहीं है क्योंकि वह पिछले कई वर्षों से इस शहर में रह रही हैं।
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