आगरा जिला के एत्मादपुर के गांव गढ़ी संपत में कई हिंदू परिवारों के ईसाई धर्म अपनाने के हल्ले के बाद मंगलवार को विश्व हिंदू परिषद, बजरंग दल और भाजपा के नेताओं ने गांव रेहन कला में पंचायत की। ईसाई धर्म सभाओं में महिलाओं को शामिल होने से रोकने के लिए वह सभी मदद देने का वादा किया जिसके कारण वे वहां जाती हैं। उन्हें प्रवचन, इतिहास और देशभक्ति के गीत के जरिए हिंदू धर्म का महत्ता समझाई। हिंदू धर्म में आस्था का प्रतीक भगवा पताका घरों पर फहराने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने धर्मांतरण की कोशिश में प्रलोभन देने वालों को भी कड़े शब्दों में चेतावनी दी।
विज्ञापन
बजरंग दल के गौरक्षा प्रांत प्रमुख सुनील पाराशर ने कहा कि एत्मादपुर के हर गांव में ऐसी पंचायत होगी। तहसील के हर गांव में हिंदुओं के घर पर केसरिया पताका फहराई जाएंगी। उन्होंने इस अभियान के बुधवार से ही शुरू करने की घोषणा भी की। अन्य वक्ताओं ने कहा कि अगर बीमारी के इलाज के भ्रम में हिंदू ईसाई सत्संग में जा रहे हैं तो इसे रोकने के लिए जरूरी कदम उठाए जाएंगे। एत्मादपुर में हर गांव में नि:शुल्क हेल्थ कैंप लगाए जाएंगे और गंभीर बीमारियों का इलाज भी मुहैया कराया जाएगा। गढ़ी संपत में एक मंदिर बनवाने का भी ऐलान पंचायत में हुआ।
विश्व हिंदू परिषद के प्रांत मीडिया प्रभारी प्रमेंद्र जैन ने लोगों को बताया कि विहिप की ओर से हिंदुओं के लिए हेल्पलाइन चलाई जा रही है। इसका कॉल सेंटर पुणे में है। किसी तरह की बीमारी, दूसरे शहर में जाने पर कोई समस्या होने या कानूनी सलाह पाने के लिए हेल्पलाइन पर फोन किया जा सकता है। यही नहीं देशभर में विहिप के 50 हजार संयोजक हैं जो हर समय, हर संभव मदद को तैयार हैं।
विज्ञापन
'धर्म बदलने को कहें तो बांधकर पीटो'
एत्मादपुर के गांव रेहन कला की पंचायत में बजरंग दल, विहिप और भाजपा के नेताओं ने अपने भाषण में संयम बरतने की भरपूर कोशिश की, फिर भी जुबान से कई ‘तीर’ निकल ही गए। इसने भाषण को उकसाने वाला बना दिया। नेताओं ने कहा, ‘जो भी धर्म बदलने की बात करने आए उसे लाठी मारकर भगाओ।’ पंचायत खत्म होने के बाद फोन में भाषण रिकॉर्डिंग कर रहे युवक पर शक हुआ तो हिंदूवादियों ने उसे पकड़ लिया। पता चला कि वह एलआईयू का सिपाही है। नेताओं ने उसके फोन से जबरन भाषण की वीडियो रिकॉर्डिंग डिलीट करा दी।
पंचायत में भाषण के दौरान कई छोटे-बडे़ नेताओं ने दूसरे धर्मों के खिलाफ आपत्तिजनक बातें भी कहीं। ‘आसुरी शक्तियों’ से आगाह किया। बजरंग दल के एक नेता ने तो यहां तक कहा कि अगर हिंदुओं ने धर्म बदला तो उनको बाद में आत्महत्या ही करनी पड़ेगी। एक अन्य ने इसे धर्म का अपहरण करार दे दिया। कहा कि हिंदूओं ने कभी अपने धर्म का प्रचार नहीं किया जबकि उसे पहले मुगलों ने फिर व्यापार के नाम पर देश में घुसी ईस्ट इंडिया कंपनी ने लूटा।
पंचायत में हिंदू राष्ट्र का मुद्दा भी उठा। वक्ताओं ने कहा कि किसी ने गांव में घुसकर लोगों को बहकाने की कोशिश की तो उसे बांधकर पीटा जाएगा। ‘बहकाने वाले लोग कौन हैं, आप सब को पता है। लाठी लेकर दौड़ा देंगे तो यह स्थिति फिर नहीं आएगी।
कानून हाथ में न लें : मनोज पंचायत में उकसाने वाली बातों के बीच अकेले किसान नेता मनोज शर्मा ऐसे रहे जिन्होंने एक बार खडे़ होकर जरूर कहा कि किसी को भी कानून को अपने हाथ में लेने की जरूरत नहीं है। ऐसा कोई मामला सामने आएगा तो पुलिस को सूचना दी जाएगी।
धर्म बदलने वालों की बनाई जा रही सूची
आगरा में वेदनगर धर्मांतरण मामले में घिरे हिंदूवादी संगठन करारा जवाब देने की तैयारी कर रहे हैं। ‘घरवापसी’ को सही ठहराने के लिए गांव-गांव जाकर गुपचुप तरीके से उन लोगों की सूची बनाई जा रही है जो हिंदू होते हुए दूसरे धर्म में आस्था जताते हैं। इनमें से वे लोग अलग चिह्नित किए जा रहे जिन्हें धर्म परिवर्तन के लिए कोई प्रलोभन दिया गया हो।
बता दें, गत आठ दिसंबर को देवरी रोड स्थित वेदनगर कबाड़ बस्ती में 37 मुस्लिम परिवारों के धर्म परिवर्तन मामले पर सड़क से लेकर संसद तक हंगामा हुआ। इसी बीच एत्मादपुर के गांव गढ़ी संपत में कई हिंदू परिवारों के ईसाई धर्म अपनाने का हल्ला मचा। मगर इस मामले में दी गई तहरीर पर रिपोर्ट तो लिखना तो दूर पुलिस ने जांच के बाद उसे खारिज भी कर दिया। इससे खफा हिंदूवादी संगठनों ने नई रणनीति बनाई।
सूत्रों की मानें तो उन्होंने कार्यकर्ताओं की टीम बनाई है जो एत्मादपुर और आसपास के गांवों में सक्रिय है। टीम उन लोगों की लिस्ट बना रही है, जिनका हाल में धर्मांतरण कराया गया या फिर जिनको इसके लिए प्रेरित किया जा रहा है। कोशिश है, ऐसे लोगों को सामने लाया जा सके जो धर्मांतरण करा रहे हैं। इससे हिंदूवादी संगठन विरोधियों पर हमला बोल सकेंगे कि वे धर्मांतरण नहीं ‘घरवापसी’ कराते हैं।
ईसाई बनाने वालों को गिरफ्तार किया जाए
शाहजहांपुर में जलालाबाद के गुलड़िया गांव में हिंदू परिवारों को धर्मांतरण कर ईसाई बनाने और वहां प्रदेश के राज्यमंत्री के एक चहेते के घर होने वाली साप्ताहिक चंगाई सभा पर रोक नहीं लगाए जाने के विरोध में विहिप, बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठन मंगलवार को भड़क उठे। इन संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी की और सिटी मजिस्ट्रेट को डीएम केनाम ज्ञापन देकर धर्मांतरण कराने में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की मांग की।
प्रदर्शन के दौरान बजरंग दल के प्रांत संयोजक अनुज कुमार सिंह ने कहा कि गुलड़िया में हर रविवार को चंगाई सभा कराने वाले गांव के पूर्व प्रधान मातादीन वर्मा राज्यमंत्री राममूर्ति सिंह वर्मा के करीबी हैं। इसीलिए धर्मांतरण की गतिविधियों पर पुलिस ने लीपापोती कर दी। ज्ञापन में हिंदुओं को ईसाई बनाने वालों व उनके सहयोगियों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर उन्हें जेल भेजने, चंगाई सभा पर प्रतिबंध लगाने और इस तरह की घटनाओं का दोहराव रोकने को व्यापक प्रबंध करने की मांग की गई है।
रंजीत पहले भी करा चुका है धर्मांतरण विहिप पदाधिकारियों ने छानबीन के बाद दावा किया कि गुलड़िया में धर्मांतरण की कोशिश करा रहा रंजीत अपने पैतृक गांव बबौरी में कई लोगों का धर्म परिवर्तित करा चुका है। सिंधौली क्षेत्र के इस गांव में रंजीत की पत्नी शिक्षामित्र है और वह भी ईसाई धर्म अपना चुकी है। यही नहीं, ईसाई धर्म अपनाने वाले ये लोग पहले गांव में जमात लगाकर ईसाई धर्म के कार्यक्रम करते थे।
राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ के तत्वावधान में हाथरस में मुरसान के राजा महेंद्र प्रताप इंटर कॉलेज में 24 से 29 दिसंबर तक होने वाला प्राथमिक अभ्यास वर्ग अनुमति न मिलने के कारण दूसरे स्थान पर करने का निर्णय लिया गया है। हालांकि यह कार्यक्रम राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ की अनवरत रूप से चलने वाले कार्यकलापों का हिस्सा है। लेकिन हाल ही में आई धर्मांतरण की खबरों के बाद अब प्रशासन आरएसएस के नियमित कार्यक्रमों को भी मंजूरी देने के लिए तैयार नहीं है।
जिला प्रशासन ने इससे पूर्व ही किसी भी शिक्षण संस्थान में शैक्षिक एवं शैक्षिक गतिविधियों के अलावा अन्य किसी भी प्रकार का कार्यक्रम आयोजन पर रोक के बाद आरएसएस को यह कार्यक्रम बदलने के लिए मजबूर होना पड़ा।
हालांकि जिले में जिला प्रशासन द्वारा लागू की गई धारा 144 के चलते इस शिविर के लिए उपजिलाधिकारी सदर बृजकिशोर दुबे से इस प्राथमिक अभ्यास वर्ग का कार्यक्रम आयोजित कराने के लिए अनुमति भी मांगी गई। किंतु जिला प्रशासन ने इस अभ्यास वर्ग के लिए भी आरएसएस के लोगों को अनुमति प्रदान नहीं की। अब इन स्वयं सेवक संघ के जिला स्तरीय पदाधिकारियों ने इस शिविर को गोपनीय रूप से किसी अन्य स्थान पर आयोजित कराने का निर्णय लिया है।
धर्मांतरण के मसले पर पुलिस प्रशासन अलर्ट गोरखपुर में धर्मांतरण को लेकर प्रदेश में गर्म माहौल को देखते हुए हिंदू नेताओं के डोजियर तैयार किए जा रहे हैं। थानेवार सूची बनाए जाने के निर्देश दिए गए हैं। एसएसपी ने डोजियर बनाए जाने की बात से इंकार किया है हालांकि वह स्वीकार करते हैं कि गोरखपुर पुलिस इसे लेकर अलर्ट है।
केंद्र में धर्मांतरण को लेकर चल रही गहमागहमी के बीच प्रदेश सरकार अलर्ट हो गई है। सूत्रों के मुताबिक प्रदेश के हर जिले में हिंदू नेताओं के डोजियर तैयार करने के निर्देश दिए गए हैं। हालांकि पुलिस प्रशासन के पास पहले से ही हिंदू नेताओं के डोजियर तैयार हैं।
फिलहाल, यह सूची फिर से अपडेट की जानी है। बताया जा रहा है कि गोरखपुर में भी इस दिशा में काम शुरू हो गया है।