25 मई को नक्सली हमले में मारे गए शहीदों की सूची में वरिष्ठ नेता विद्या चरण शुक्ल का नाम न होने पर कांग्रेस ने सफाई दी है।
छत्तीसगढ़ में पार्टी के महासचिव बीके हरिप्रसाद ने कहा कि शुक्ला और एक अन्य कांग्रेस कार्यकर्ता ने काफी समय तक जिंदगी के लिए संघर्ष किया था और उनका निधन बाद में हुआ।
इसी वजह से 28 शहीदों की पहली सूची में उनका नाम नहीं है। यह दोनों नाम भी निश्चित तौर पर उनमें शामिल किए जाएंगे।
जिस किसी ने भी नक्सली हमले में अपनी जान गंवाई, चाहे वह नेता हो या सुरक्षाकर्मी, उन्हें शहीद का दर्जा दिया जाएगा। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ सरकार और विपक्षी कांग्रेस ने नक्सली हमले में मारे गए लोगों को शहीद का दर्जा देने की घोषणा की थी। हालांकि वीसी शुक्ल का नाम इस सूची से गायब था। पूर्व केंद्रीय मंत्री वीसी शुक्ल का 11 जून को निधन हो गया था।